नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कहा कि राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है और तेलंगाना का विकास विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगा। केंद्र सरकार राज्यों के तेज विकास को अपनी योजनाओं का केंद्र बिंदु मानकर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने रविवार को हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एचआईसीसी) से वर्चुअल माध्यम से 9,400 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का सामर्थ्य राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक भी है। यहां के आसपास के क्षेत्र को देश का बड़ा विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कई बड़े प्रकल्प शुरू किए जा रहे हैं, जिनसे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस समय सुधार और आधुनिक बुनियादी ढांचे की “एक्सप्रेस” पर आगे बढ़ रहा है। जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र का विकास इसी सोच का हिस्सा है। यह क्षेत्र एक औद्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा, बेहतर विद्युत आपूर्ति और उन्नत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नेटवर्क उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया भर के निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है और इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यहां बनने वाले वाहन, मशीनरी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों और श्रमिकों को भी सशक्त करेंगे।
प्रधानमंत्री ने वारंगल पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी वस्त्र उद्योग की ऐतिहासिक विरासत को फिर से मजबूत कर रहा है। पीएम मित्र पार्क देश में वस्त्र क्रांति को नई गति देगा और यहां स्थापित होने वाली इकाइयों को केंद्र सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) का भी लाभ मिलेगा। इससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आधुनिक संपर्क व्यवस्था केंद्र सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में रही है। सड़क, रेलवे और हवाई अड्डों के विकास पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसका लाभ तेलंगाना को भी मिला है। पिछले 11 वर्षों में तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना हुआ है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से यात्रा समय कम होगा और माल ढुलाई की लागत में भी कमी आएगी। प्रधानमंत्री ने रेलवे परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे बजट एक हजार करोड़ रुपये से भी कम होता था, जबकि आज केवल तेलंगाना के लिए रेलवे बजट लगभग पांच हजार करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। तेलंगाना में पांच वंदे भारत और छह अमृत भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के कुछ खंडों तथा काजीपेट रेल अंडर बाईपास लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है। भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। मलकापुर में इंडियन ऑयल के नए टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो तेलंगाना की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण, शत-प्रतिशत एलपीजी कवरेज और पाइप के माध्यम से सस्ती गैस उपलब्ध कराने जैसे कदमों से देश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने लोगों से पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे ऊर्जा संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और वैश्विक संकटों के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना का युवा नए सपने देख रहा है और राज्य का किसान नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यहां के उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और स्टार्टअप विकसित तेलंगाना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं। केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए और तेज गति से काम करती रहेगी।



