नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NAT) ने नीट-यूजी 2026 (परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और जांच एजेंसियों से प्राप्त गंभीर इनपुट को देखते हुए एनटीए ने यह कदम उठाया है। इसी के साथ केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच सीबीआइ के हवाले कर दी है।
पारदर्शिता के लिए लिया गया कड़ा फैसला
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में एनटीए ने स्पष्ट किया कि 3 मई को आयोजित की गई परीक्षा की शुचिता और प्रक्रिया को मौजूदा परिस्थितियों में बरकरार रखना संभव नहीं है। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा रद्द करना अनिवार्य हो गया था।
एनटीए ने अभ्यर्थियों के लिए निम्नलिखित स्पष्टीकरण जारी किए हैं:
पुनर्परीक्षा की तारीख और नए एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
मई 2026 चक्र के लिए पहले से आवेदन कर चुके छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उनका पुराना डेटा और चयनित परीक्षा केंद्र पुनर्परीक्षा के लिए मान्य रहेंगे।
छात्रों से कोई भी अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही, पूर्व में जमा किया गया शुल्क वापस करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी और नई परीक्षा का खर्च एनटीए स्वयं वहन करेगी।
एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह सीबीआई को जांच में हर संभव सहयोग, जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगी। हालांकि एजेंसी ने माना कि इस फैसले से छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी, लेकिन भविष्य की निष्पक्षता के लिए यह कड़ा निर्णय लेना आवश्यक था।



