रांची। झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की तैयारी के तहत मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया तेजी से जारी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि 23 मई से अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मतदान केंद्रों तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर सर्चेबल फॉर्मेट में प्रकाशित किए जाने के बाद इस अभियान को और गति मिली है।
शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 75.19 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्तमान में 1 करोड़ 99 लाख 15 हजार 463 मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग कार्य किया गया है। 15 जून तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से यह अभियान जारी रहेगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम अभी तक मैप नहीं हो पाया है, वे अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर पिछली गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची के आधार पर अपनी मैपिंग करवा सकते हैं। अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची के प्रकाशन के बाद पिछले एक सप्ताह में ही 5 लाख 14 हजार 546 मतदाताओं की मैपिंग की गई है, जो अभियान की प्रगति को दर्शाता है।
के. रवि कुमार ने कहा कि अन-मैप्ड मतदाताओं की संख्या को तेजी से कम करने और उन क्षेत्रों में कार्य में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जहां मैपिंग की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इसी उद्देश्य से आगामी मंगलवार को सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने बताया कि बैठक में उन बीएलओ की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी, जिनके क्षेत्रों में मैपिंग का प्रतिशत कम है। साथ ही, बीएलओ को कार्य के दौरान आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों पर बिंदुवार चर्चा की जाएगी। इन समस्याओं के समाधान और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्णय भी लिए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उम्मीद जताई कि प्रशासनिक सहयोग और बीएलओ के प्रयासों से निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिकाधिक मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने मतदाताओं से भी अपील की कि यदि उनका नाम अन-मैप्ड सूची में है तो वे शीघ्र अपने बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आगामी मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन बनाई जा सके।



