रांची: कोल इंडिया के मजदूर सीएमपीएफ का इपीएफ में विलय पर रोक लगाने सहित सात मांगों को लेकर 19 से 21 जून 2017 तक हड़ताल करेंगे। हड़ताल को सफल बनाने को लेकर शनिवार को सीएमपीडीआइ के रवींद्र भवन सभागार में छह ट्रेड यूनियन सहित अन्य यूनियनों ने
संयुक्त महाकन्वेंशन की।
संयुक्त महाकन्वेंशन में इंटक, बीएमएस, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू सहित अन्य ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि शामिल थे। महाकन्वेंशन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ( बीएमएस) के बीके रॉय ने बताया कि कोयला मजदूरों के वेतन समझौता पर चर्चा चल रही थी, इसी बीच केंद्र सरकार ने सीएमपीएफ का इपीएफ में विलय करने की बात कहकर मजदूरों के समक्ष संकट ला दिया है। मजदूर संगठनों ने कोल इंडिया को स्पष्ट किया है कि जबतक सीएमपीएफ का इपीएफ में विलय पर रोक नहीं लगाया जायेगा, तबतक कोई वार्ता नहीं होगी। इंटक के राजेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सरकार को हड़ताल तोड़ना है, तो उसे पांच कोयला श्रमिक संगठनों से वार्ता कर हल निकालनी होगी, नहीं तो कोल इंडिया के 100 प्रतिशत मजदूर 19 से 21 जून तक हड़ताल पर रहेंगे। एक्टु के शुभेंदु सेन ने कहा खान में कोयला मजदूरों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है।