रांची: नेशनल शूटर तारा शाहदेव से जुड़े दहेज प्रताड़ना, धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास मामले में सीबीआइ ने झारखंड हाइकोर्ट के निलंबित रजिस्ट्रार विजिलेंस मुश्ताक अहमद के खिलाफ दुष्कर्म की कोशिश मामले में भी चार्जशीट दाखिल किया है। सीबीआइ ने इस प्रकरण में दर्ज कांड संख्या आरसी 9/2015 का अनुसंधान पूरा करते हुए सीबीआइ के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।
कोर्ट ने मामले में संज्ञान भी ले लिया है।
साथ ही मुश्ताक अहमद को 15 जून 2017 को कोर्ट में उपस्थिति के लिए समन जारी किया है। पूर्व रजिस्ट्रार विजिलेंस मुश्ताक अहमद के खिलाफ आइपीसी की धारा 376, 120बी, 153ए, 295, 34 के तहत चार्जशीट दाखिल हुआ है।
तारा शाहदेव के तथाकथित पति रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मां कौशल देवी एवं हाइकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद का नाम चार्जशीट में है। हाइकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सीबीआइ टीम ने कोहली से जुड़े तीनों मुकदमों को टेक ओवर करते हुए वर्ष 2015 में अनुसंधान शुरू कर दी थी।
सीबीआइ ने मामले में आरसी 9/2015, 10/2015 एवं 11/2015 दर्ज किया था। उक्त मामले में रकीबुल हसन 27 अगस्त 2014 से जेल में है, जबकि उसकी मां कौशल देवी जमानत पर है। कोर्ट में सीबीआइ ने ठोस साक्ष्य के साथ यह चार्जशीट दाखिल की है। बता दें कि इससे पूर्व तारा शाहदेव प्रकरण में हिंदपीढी थाना में कांड संख्या 742/2014 सहित तीन प्राथमिकी पुलिस ने दर्ज की थी। दहेज प्रताड़ना के कांड संख्या 742/2014 में पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें मुश्ताक अहमद का नाम शामिल नहीं था, लेकिन पीड़िता के 164 के बयान के आधार पर सीबीआइ की जांच में मुश्ताक अहमद का नाम आया है।