धनबाद: नीट 2017 में देशभर में 105वां स्थान पाने वाले सुजय देव का कहना है कि 10वीं बोर्ड तक इच्छा इंजीनियर बनने की थी। एक बार जब डॉक्टर को दिखाने पहुंचा तो देखा कि गरीब मरीज बड़ी संख्या में डाक्टर के इंतजार में बैठे हैं। तभी तय कर लिया कि अब डॉक्टर बनूंगा। समाज में गरीब लोगों के लिए कुछ करूंगा। इसी सोच के साथ मेडिकल की तैयारी शुरू कर दी। सुजय कहते हैं कि अच्छा डॉक्टर बनने के लिए अच्छा मेडिकल कॉलेज भी जरूरी है। मेरी इच्छा एम्स दिल्ली या मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली में दाखिला लेने की है। सुजय ने 10वीं तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल और 12वीं की पढ़ाई दून पब्लिक स्कूल से पूरी की।
एम्स के एंट्रेंस में सुजय की 52वीं रैंक है। दिल्ली एम्स में 50 सीटें है। सुजय बोला-तीन जुलाई को दिल्ली जा रहा हूं। अगर एम्स में दाखिला नहीं मिला तो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज जाउंगा। टॉपर ने बताया कि एमबीबीएस के बाद एमडी कार्डियोलॉजी या न्यूरो में करना चाहता हूं। शहर के सहजानंद नगर निवासी सुजय के पिता डा. संजय कुमार राय सिंफर में वैज्ञानिक और मां रेणु राय गृहणी हैं। बड़ा भाई एनआइटी जमशेदपुर में कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहा है। सुजह ने कहा कि उसे 668 नंबर मिले। 10 और नंबर के लिए मैंने चैलेंज किया था, लेकिन वह नहीं मिले। फिर भी सतुष्ट हूं।