चैंपियंस ट्रॉफी के पहले भारतीय क्रिकेट टीम का खेलना आखिरी समय तक तय नहीं हो सका था। ऐसा इसलिए क्योंकि बीसीसीआई और आईसीसी के बीच नए राजस्व बंटवारे मॉडल को लेकर आपस में ठनी बनी थी। फिलहाल बीसीसीआई ने अंत में भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान किया था। फिलहाल चैंपियंस ट्रॉफी खत्म होने के बाद राजस्व बंटवारा माडल को लेकर बीसीसीआई और आईसीसी में सहमति बन गई है। भारतीय बोर्ड को आईसीसी की ओर से 40 करोड़ 50 लाख डालर मिलेंगे।
बता दें कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक जून से इंग्लैंड में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के लिये टीम की घोषणा नहीं की थी और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से पुराने बिग थ्री राजस्व मॉडल के तहत अपनी हिस्सेदारी मांग रहा था। भारतीय बोर्ड आईसीसी में बिग थ्री फामेर्ट में अपने पुराने राजस्व पर अड़ा हुआ है जिसकी स्थापना 2014 में की गयी थी।
बीसीसीआई ने अतिरिक्त 10 करोड़ डालर का ठुकराया था प्रस्ताव
नये राजस्व मॉडल के तहत बीसीसीआई को 29 करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी की पेशकश की गयी थी लेकिन बीसीसीआई ने आईसीसी के पूर्ण सदस्यों को बताया कि वह अपनी 57 करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी चाहता है जो पुराने राजस्व मॉडल में थी। आईसीसी के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बीसीसीआई द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) के साथ बातचीत में भारतीय बोर्ड को अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर देने की पेशकश दी थी जिससे बीसीसीआई की हिस्सेदारी 40 करोड़ डॉलर पहुंच जाती। लेकिन बीसीसीआई ने इस पेशकश को ठुकरा दिया।
यहां से शुरू हुई दिक्कत!
आईसीसी ने चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड को 135 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बजट दिया है, जबकि इसी साल भारत में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत को महज 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए गए थे। इसको लेकर बीसीसीआई और आईसीसी में ठनी हुई है। चैम्पियन्स ट्रॉफी 19 दिन का इवेंट है जिसमें 15 मैच खेले जाने हैं जबकि टी-20 वर्ल्ड कप 27 दिन चला था और इसमें कुल 58 मैच (35 मेंस और 23 महिला टीम के मैच) हुए थे।