आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरूवार को कहा है कि केंद्र का अनाज और आलू-प्याज तथा दाल को आवश्यक वस्तु अधिनियम से छूट देना जमाखोरी बढ़ानेवाला निर्णय है। केंद्र सरकार का यह फैसला किसान और मजदूर विरोधी है। उन्होंने कहा कि यदि भोजन की समस्त वस्तुओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर कर दिया जाये तो रिटेल चेन और पूंजीपति वर्ग इन चीजों के दाम तय करने लगेंगे। किसानों को लालच देकर उनकी उपज औने-पौने दामों में खरीदकर जितनी चाहे उतनी भंडारण की छूट अब पूंजीपतियों के पास होगी। किसी प्राकृतिक आपदा और आपात स्थिति में जमाखोरों और मुनाफाखोरों को इसका फायदा होगा और वे मनमाने तरीके से भोजन की वस्तुओं के दाम तय कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी आपदा के समय में जहां देश की अधिकांश आबादी दो वक्त के भोजन को तरस रही हो ऐसे में केंद्र सरकार का यह निर्णय रिलायंस फ्रेश, स्पेंसर, सुविधा और सुपर मार्ट जैसी श्रृंखलाओं को मजबूती देगा। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले का पार्टी विरोध करती है। यह फैसला जमाखोरों और मुनाफाखोरों के लिए सुरक्षा कवच है जिससे उन्हें लूट की छूट मिलती है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version