रांची। टंडवा की मगध और आम्रपाली कोल परियोजना में टेरर फंडिंग मामले के आरोपी बीरबल गंझू और सुदेश केडिया की क्रिमिनल अपील की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई।
हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में बीरबल गंझू और सुदेश केडिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पूर्व में इन दोनों की जमानत पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। एनआइए की ओर से जमानत का विरोध किया गया था।
आरोप है कि मगध और आम्रपाली परियोजना से उग्रवादी संगठन टीपीसी के लिए एक बड़ी राशि लेवी के नाम पर ली जाती थी। मामले में एनआइए ने करीब 15 से अधिक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से अधिकांश आरोपी जेल में हैं।
बीरबल गंझू नक्सली है तथा सुदेश केडिया ट्रोंसपोर्टर्स है। आरोप है कि टीपीसी द्वारा फंड के लिए मगध और आम्रपाली कोल परियोजना के ट्रांसपोर्टरों एवं कंपनियों से लेवी की वसूली की जाती थी, इस पैसे से नक्सलियों द्वारा हथियार खरीदा जाता था।
टेरर फंडिंग : बीरबल गंझू और सुदेश केडिया की जमानत याचिका खारिज
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