रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि कोल ब्लॉक की नीलामी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना कोई राजनीतिक फैसला नहीं है। यह झारखंड के अधिकार की लड़ाई है। अब इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। सोमवार को झारखंड मंत्रालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था क्यों ध्वस्त है। लोगों का रोजगार छिन रहा है। उद्योग-धंधे बंद हैं। बहुत से घर के चूल्हे नहीं जल रहे हैं। केंद्र को सारी बातें देश के सामने रखनी चाहिए। सीएम ने बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, बाबूलाल जी के बारे में यही कहा जा सकता है कि नया मुल्ला प्याज बहुत ज्यादा खाता है। अभी-अभी वह भाजपा में गये हैं। उन्हें नया-नया मौका मिला है। पहले वह पत्र वीर की भूमिका में थे। अब वर्चुअल रैली कर रहे हैं। पहले उन्हें तथ्यों से अवगत हो जाना चाहिए। 40-50 साल के बाद जिस प्रथा से बाहर निकल कर झारखंड अपने अधिकार की लड़ाई की स्थिति पर आया है, उस पर भी वह अड़ंगा लगा रहे हैं। उन्हें कुछ नहीं मिलता है, तो पूर्व की सरकार का रोना रोते हैं। उनको आलाकमान से होमवर्क मिलता है और उसी के अनुरूप काम करते हैं। विस्थापन के सवाल पर सीएम ने कहा कि क्या विस्थापितों को अभी तक उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया गया। क्या राज्य के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया गया। यहां के लोग लाल पानी-काला पानी पीने के लिए मजबूर नहीं हैं। मरांडी को पहले इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
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