Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, April 20
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Breaking News»झारखंड के राज्यसभा चुनाव में इस बार होगा बड़ा खेल!
    Breaking News

    झारखंड के राज्यसभा चुनाव में इस बार होगा बड़ा खेल!

    azad sipahiBy azad sipahiJune 7, 2020No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email
    • पहली बार होगा, जहां पैसा नहीं बोलेगा, साम और दंड का होगा इस्तेमाल
    • दोनों पक्षों में चल रही एक-दूसरे को मात देने की तैयारी

    झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी दांव-पेंच का दौर शुरू हो चुका है। दो सीटों के लिए 19 जून को होनेवाले इस चुनाव में जहां पहली बार भाजपा विपक्ष में रह कर मैदान में उतरी है, वहां झामुमो और कांग्रेस के लिए भी सत्ता में रहते हुए संसद के ऊपरी सदन का चुनाव लड़ने का पहला अवसर है। झारखंड में राज्यसभा का हर चुनाव चर्चित या विवादास्पद रहा है। कभी विधायकों की खरीद-फरोख्त, तो कभी छीना-झपटी, कभी क्रॉस वोटिंग, तो कभी अंतिम समय में विधायकों को वोट डालने से रोकने के कारण राज्यसभा के चुनाव ने सुर्खियां बटोरी हैं। इस बार दो सीटों के लिए होनेवाला चुनाव भी इसी राह पर आगे बढ़ रहा है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अभी से झकझूमर शुरू हो गयी है। झामुमो और कांग्रेस जहां दोनों सीटों पर कब्जा जमाने की रणनीति तैयार करने में जुट गयी है, वहीं भाजपा उसकी रणनीति की काट खोजने में व्यस्त हो गयी है। दोनों पक्षों की ओर से गणित बैठाये जा रहे हैं और वोटों के जुगाड़ में सभी संभावित उपायों पर माथापच्ची जारी है। दोनों पक्ष इस बात पर भी मंथन कर रहे हैं कि किस तरह एक-दूसरे के खेमे में सेंध लगायी जाये और अपने उम्मीदवार को राज्यसभा में भेजा जाये। इसके साथ ही इस बात पर भी विचार हो रहा है कि एक-दूसरे के शह से कैसे बचा जा सकता है और पलट कर वार कैसे किया जा सकता है। इस मायने में राज्यसभा का यह चुनाव बेहद रोचक हो गया है, जिसमें सस्पेंस भी है, रोमांच भी है और सियासत तो खैर है ही। चुनाव में हालांकि अभी एक पखवाड़ा बाकी है और कोई भी पक्ष अपना पत्ता नहीं खोल रहा है, फिर भी जो सूचनाएं बाहर आ रही हैं, उनसे एक बात साफ हो गयी है कि इस बार कोई ‘बड़ा खेल’ होनेवाला है। इस संभावित खेल पर आजाद सिपाही ब्यूरो की खास पेशकश।

    दो दिन पहले झारखंड विधानसभा के एक सदस्य ने अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्यसभा चुनाव की बाबत कहा कि इस बार झारखंड नया अध्याय बनायेगा। विधायक ने इससे आगे तो कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी बातों में यह संकेत साफ था कि यह चुनाव विधानसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के आधार पर जितना स्पष्ट दिखाई दे रहा है, उतना होगा नहीं। विधायक ने यह भी कहा कि इस बार साम-दाम-दंड-भेद नहीं, बल्कि इनमें से केवल दो, यानी साम और दंड का इस्तेमाल होगा।
    विधायक के इस कथन का मतलब चाहे जो निकाला जाये, लेकिन एक बात साफ है कि इस बार झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान पैसे का खेल शायद नहीं होगा, बल्कि दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे, यानी यह चुनाव सही मायने में ‘बैटल आॅफ नर्व्स’, अर्थात इच्छाशक्ति का संघर्ष होगा।

    झारखंड के 20 साल के इतिहास में अब तक जितने भी राज्यसभा चुनाव हुए हैं, हर बार इसकी चर्चा होती रही है। विधायकों की खरीद-फरोख्त से लेकर धनबल के प्रदर्शन तक और सत्ता के दुरुपयोग से लेकर क्रॉस वोटिंग के आरोप झारखंड पर लगते रहे हैं। इस बार ऐसा कुछ होने की संभावना बहुत कम है, लेकिन फिर भी विधायक की बात के बाद इस बात के आसार तो दिखने ही लगे हैं कि कुछ ‘बड़ा खेल’ होनेवाला है।
    राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। झामुमो ने शिबू सोरेन को और सत्ता में उसकी सहयोगी कांग्रेस ने शाहजादा अनवर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश पर दांव लगाया है। मतदान 19 जून को होना है और झारखंड विधानसभा की मौजूदा स्थिति से ऐसा लगता है कि इस चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-एक सीट आसानी से जीत लेगा, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार की पराजय लगभग तय है।

    लेकिन यह इतना सीधा-सपाट भी नहीं है। सत्ता पक्ष ने दावा किया है कि वह अपने दोनों उम्मीदवारों को जिता कर राज्यसभा में भेजेगा। यह बड़े अचरज की बात है कि तमाम गणित और समीकरण जब इसके विपरीत स्थिति बता रहे हैं, यह दावा कितना ठोस साबित होगा। असली पेंच यहीं है और सत्ता पक्ष इसलिए दोनों सीटें जीतने का दावा कर रहा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा हो रही है कि सत्ता पक्ष में इस रणनीति पर विचार हो रहा है कि वोटिंग के लिए कम से कम विधायक मतदान केंद्र तक पहुंच सकें। सत्ता पक्ष के पास अभी 47 विधायक हैं और माले तथा राकांपा के एक-एक विधायक का समर्थन उसे हासिल है। दोनों सीटें जीतने के लिए उसे 54 वोट चाहिए, यानी उसके पास सात वोट कम हैं। इन पांच वोट की कमी को पाटने के लिए वह हॉर्स ट्रेडिंग और क्रॉस वोटिंग की बजाय तीसरे विकल्प पर विचार कर रहा है।

    इधर विपक्षी भाजपा के पास अपने 26 विधायक हैं और आजसू के दो तथा एक निर्दलीय का समर्थन उसे हासिल है। उसके एक विधायक जेल में हैं और भाजपा को 28 वोट मिलने की उम्मीद है। भाजपा खेमे में सत्ता पक्ष की रणनीति की काट संवैधानिक दायरे में तलाशी जा रही है। भाजपा की रणनीति है कि यदि सत्ता पक्ष उसके चार विधायकों को वोट डालने से रोक देता है, तब वह बाबूलाल मरांडी के रूप में अपना ब्रह्मास्त्र चलेगा और अस्तित्वविहीन हो चुके झाविमो को एक बार फिर जिंदा करेगा। उस स्थिति में बाबूलाल मरांडी झाविमो अध्यक्ष की हैसियत से ह्विप जारी करेंगे और कांग्रेस में शामिल हो चुके प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के हाथ बांध देंगे। संविधान और संसदीय प्रणाली के जानकारोंं का कहना है कि ऐसा संभव है, क्योंकि विधानसभा में झाविमो का अस्तित्व अब तक बरकरार है और स्पीकर ने झाविमो के भाजपा में विलय को मान्यता नहीं दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा की यह चाल अंतिम होगी।

    इसलिए विधायक ने कहा कि इस बार राज्यसभा के चुनाव में झारखंड नया अध्याय कायम करेगा और इसमें केवल साम, यानी सत्ता और दंड, यानी कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल किया जायेगा। दाम और भेद का खेल इस बार नहीं होगा। कुल मिला कर स्थिति रोमांचक मोड़ पर पहुंच रही है और चुनावी रणनीति तथा इच्छाशक्ति के इस संघर्ष में बाजी उसी के हाथ लगेगी, जो हर तरह से मजबूत होगा। फिलहाल तो दोनों पक्षों का पलड़ा बराबर का दिखाई देता है, लेकिन 19 जून तक क्या होगा, इसकी भविष्यवाणी अभी कठिन है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleमेरठ में बाजार खोलने को लेकर प्रशासन और व्यापारी आमने-सामने
    Next Article कोरोना के मरीजों की संख्या अब दो लाख 36 हजार के पार पहुंची
    azad sipahi

      Related Posts

      बंगाल 2026: ममता बनर्जी की ‘अग्निपरीक्षा’ या भाजपा का ‘महा-परिवर्तन’

      April 9, 2026

      जब अटल बिहार वाजपेयी ने कहा था ‘आज हम संख्या बल में कम हो सकते हैं, लेकिन हमारे हौसले कम नहीं हैं’

      April 8, 2026

      ईरान-अमेरिका संघर्ष: न्यूक्लियर डील से युद्ध की दहलीज तक

      April 7, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • जामताड़ा में झारखंड संयुक्त असैनिक प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण व कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न
      • झारखंड में लू का कहर: 40 डिग्री पार तापमान, कड़क धूप ने मचाई तबाही
      • छत्तीसगढ़ के सक्ति वेदांता प्लांट हादसा में मौत का आंकड़ा 24 पहुंचा
      • दुबई के अजमान से दबोचा गया प्रिंस खान का करीबी शैफी उर्फ मेजर, कोलकाता एयरपोर्ट पर पूछताछ
      • महिला आरक्षण बिल को लेकर मोहन यादव ने विपक्ष पर साधा निशाना, प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version