आजाद सिपाही संवाददाता
कोरोना के दौर में भी स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों की दौलत बढ़ती रही। 2020 में यह आंकड़ा 20,700 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो पिछले 13 साल में सबसे ज्यादा है। वहीं, 2019 की तुलना में यह 212% या 3.12 गुना ज्यादा है।
इस आंकड़े में भारत स्थित बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों के जरिए की गई जमा राशि भी शामिल है। स्विस बैंकों में जमा बढ़ने की वजह सिक्योरिटीज और ऐसे ही दूसरे विकल्पों के जरिए होल्डिंग्स में तेज उछाल रहा। हालांकि, कस्टमर डिपॉजिट में लगातार दूसरे साल गिरावट आई।
डिपॉजिट में 6% की गिरावट
यह जानकारी स्विट्जरलैंड के केन्द्रीय बैंक द्वारा गुरुवार को जारी किए गए सालाना डेटा में दी गई है। इससे पहले लगातार दो साल स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा में गिरावट दर्ज की गई थी। डेटा के मुताबिक, 2019 के आखिर में स्विस बैंकों में भारतीयों और भारतीय कंपनियों की जमा का आंकड़ा 6,625 करोड़ रुपए था। जो 2018 के मुकाबले 6% कम था।
बैंक के मुताबिक, स्विस बैंकों में भारतीयों और भारतीय कंपनियों की 2020 के आखिर तक कुल 20,706 करोड़ राशि में में 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के कस्टमर डिपॉजिट, 3100 करोड़ रुपए से ज्यादा दूसरे बैंकों के जरिए, 16.5 करोड़ रुपए ट्रस्ट के जरिए और करीब 13,500 करोड़ रुपए बॉन्ड, सिक्योरिटीज व विभिन्न अन्य वित्तीय विकल्पों के रूप में आए अन्य राशि के तौर पर शामिल हैं।
डेटा में और क्या बताया गया
स्विस नेशनल बैंक (SNB) के डेटा के मुताबिक, इससे पहले साल 2006 में स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा लगभग 52,575 करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर थी। उसके बाद से 2011, 2013 और 2017 के वर्षों को छोड़ ज्यादातर में गिरावट देखी गई।
NSB के मुताबिक, हम यह नहीं कह सकते कि ये काला धन है। इन आंकड़ों में भारतीयों, NRI या अन्य लोगों का थर्ड कंट्री एंटिटीज के नाम पर जमा पैसा भी शामिल नहीं है।
स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा पैसे के आकलन में व्यक्तियों, बैंकों और एंटरप्राइजेज की ओर से जमा समेत स्विस बैंकों के भारतीय ग्राहकों के सभी तरह के फंड्स को ध्यान में रखा गया है।
ब्रिटेन 30.49 लाख करोड़ रुपए के साथ टॉप पर
2020 के अंत तक स्विस बैंक में कुल जमा 161.78 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इनमें विदेशी जमा राशि 48.53 लाख करोड़ रुपए है। ब्रिटेन 30.49 लाख करोड़ रुपए के साथ शीर्ष पर है। दूसरे नंबर पर 12.29 लाख करोड़ रुपए के साथ अमेरिका है। इसके अलावा टॉप 10 देशों में वेस्टइंडीज, फ्रांस, हांगकांग, जर्मनी, सिंगापुर, लक्जमबर्ग, केमेन आइलैंड और बहामास शामिल हैं।