रांची। बाल श्रम उत्पीड़न के आरोपी बड़कागांव के तत्कालीन बीडीओ राकेश कुमार और उनकी पत्नी के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड सरकार से पीड़ित बच्ची को एक लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस मामले में एक अक्टूबर 2019 को बड़कागांव के तत्कालीन बीडीओ राकेश कुमार एवं उनकी पत्नी के विरुद्ध बाल श्रम, बच्चों के प्रति क्रूरता के अलावा भादवि की अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बचपन बचाओ आंदोलन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आंदोलन भी किया था। तत्कालीन बीडीओ राकेश कुमार एवं उनकी पत्नी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही फरार थे। बाद में हाइकोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिली। इसी मामले में 18 जून को राष्टÑीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव को निर्देश जारी किया है कि आरोपी के विरुद्ध सरकारी सेवा शर्तों के अनुसार विभागीय कार्यवाही संबंधी रिपोर्ट दें। साथ ही डीजीपी को भी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है कि उक्त जांच में मामला सही पाये जाने के बावजूद इतने समय तक अनुसंधान में विलंब के लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गयी।
पीड़ित को एक लाख मुआवजा देने का एनएचआरसी ने दिया निर्देश
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