राजीव
रांची। सच ही कहा गया है कि सच्चे मन से जो भगवान भोले शंकर से मन्नत मांगता है, उसकी मनौती जरूर पूरी होती है। इन दिनों झारखंड के पारा शिक्षकों की भी एक मनौती पूरी हो गयी है। यह मनौती भगवान भोले शंकर ने पूरी की है। इसके बाद पारा शिक्षक अब मन्नत उतारने की तैयारी में हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर पारा शिक्षकों की कौन सी मन्नत भोले शंकर ने पूरी कर दी है। अभी तो हाल के दिनों में कोई बड़ा फैसला भी नहीं हुआ है। जो भी फैसला हुआ है, वह अभी पाइप लाइन में है। दिमाग पर ज्यादा जोर मत डालिये, हम आपको बताये देते हैं। दरअसल, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पारा शिक्षकों के हित में बड़े फैसले के संकेत दिये थे। इसके लिए उच्चाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। साथ ही अधिकारियों को साफ संदेश दिया था कि पारा शिक्षकों का कल्याण यह सरकार जरूर करेगी। उस वक्त पारा शिक्षकों को सुनहरा भविष्य दिखाई पड़ने लगा। इसी बीच वह कोरोना से पीड़ित हो गये। उनकी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। शिक्षा मंत्री की तबीयत नाजुक होने के साथ ही पारा शिक्षकों के सपने भी बुझने लगे। इसी बीच पारा शिक्षकों ने बाबा बैद्यनाथ देवघर और बासुकीनाथ से उनकी जिंदगी बचाने की मन्नत मांगी। प्रार्थना की थी कि अगर जगरनाथ महतो मौत को मात दे देंगे तो रुद्राभिषेक करेंगे और प्रसाद मंत्री को भी खिलायेंगे। अब जब मंत्री ठीक होकर रांची वापस आ गये हैं, तो पारा शिक्षक इस मनौती को उतारने की तैयारी में हैं। इसके लिए पांच पारा शिक्षक राजमहल जायेंगे। वहां से गंगाजल लेकर बासुकीनाथ और देवघर में बाबा को चढ़ायेंगे। यहां रुद्राभिषेक करेंगे और मंत्री का इसका प्रसाद भी खिलायेंगे। साथ ही गंगाजल भी भेंट करेंगे। इस मन्नत पूरी करने की अगुवाई प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के महासचिव विकास चौधरी करेंगे।
बाबा ने कर दी मुराद पूरी: अध्यक्ष
प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष सिद्दीक शेख और महासचिव विकास चौधरी ने कहा कि यह सच है कि भोले के दरबार में सच्चे मन से मन्नत मांगनेवालों की मुराद जरूर पूरी होती है। अब जब मंत्री स्वस्थ्य हो गये हैं, तो मन्नत उतारने का वक्त है। निश्चित तौर पर उम्मीद है कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो उनकी मांग को पूरी करेंगे। चाहे बात नियमावली की हो या फिर कल्याण कोष की। हेमंत सरकार से पूरी उम्मीद है कि पारा शिक्षकों का कल्याण होगा।