आजाद सिपाही संवाददाता
महुआडांड़। सुरक्षाबलों द्वारा शनिवार को गलतफहमी में की गयी फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत हो गयी और दूसरा घायल हो गया। पलामू डीआइजी इस मामले की जांच कर रहे हैं। बाद में इसे अपराध अनुसंधान विभाग को जांच के लिए दिया जायेगा। जानकारी के अनुसार गांव के कुछ युवक शिकार खेलने निकले थे। सबके पास बंदूक थी। यह बंदूक कहां से आयी, इसकी जांच चल रही है। पुलिस की टीम जंगल में छापामारी कर रही थी। इसी बीच युवकों में से किसी ने जानवर को देख कर फायरिंग कर दी। पुलिस ने युवकों को नक्सलियों का दस्ता समझा। जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाला और फायरिंग होने लगी। इसी गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गयी और दूसरा घायल हो गया। इस मामले पर कोई कुछ भी स्पष्ट तौर पर कहने को तैयार नहीं है। पुलिस ने शुरू में ब्रह्मदेव को नक्सली बताया, लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट हुई।
घटना शनिवार सुबह गारू थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकू-पिरी जंगल में हुई। वहां से चार हथियार बरामद किये जाने की खबर है। मारे गये युवक की पहचान ब्रह्मदेव सिंह के रूप में हुई है। जानकारी मिलने के बाद आसपास के इलाके के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गये। ग्रामीणों ने मारे गये युवक के परिवार को 10 लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
क्या कहते हैं एसपी
एसपी प्रशांत आनंद का कहना है कि पुलिस की टीम अलग-अलग टुकड़ी में अभियान में निकली हुई थी। ग्रामीण युवक हथियार के साथ थे। पुलिस ने उन्हें सरेंडर करने को कहा, लेकिन तब तक गोली चला दी गयी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की।