राजधानी में 40 और राज्य में 400 मेगावाट तक की कमी
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड फिलहाल गंभीर बिजली संकट से गुजर रहा है। खासकर राजधानी रांची में बीती रात अधिकांश इलाकों में दस घंटे तक की बिजली कटौती की गयी, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य में बिजली की कमी की प्रमुख वजह यहां के पावर प्लांटों से बिजली उत्पादन में आयी कमी है। राजधानी रांची की बात करें, तो पिछले दिनों राजधानी में 40 मेगावाट कम बिजली मिली, जबकि तेज गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ी हुई है। ऐसे में उत्पादन में कमी और बिजली की बढ़ी हुई मांग के कारण ये स्थिति बनी है। राज्य भर की बात करें तो उपलब्ध बिजली कुल मांग से 400 मेगावाट कम है। ऐसे में राज्य भर में चार सौ मेगावाट कम बिजली उपलब्ध है।
उत्पादन ठप: आधुनिक पावर प्लांट से 97 मेगावाट तक बिजली उत्पादन हुआ। यहां भी एक यूनिट तकनीकी खराबी के कारण से बंद है। टीटीपीएस की एक यूनिट पिछले शनिवार से बंद है। यूनिट बंद होने की वजह तकनीकी खराबी है। वहीं एक यूनिट से 150 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो रहा है। इन्लैंड पावर प्लांट से इन दिनों 55 मेगावाट तक ही बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि प्लांट की दो यूनिट से उत्पादन क्षमता 130 मेगावाट तक है। ऐसे में यहां भी एक यूनिट बिजली तकनीकि खराबी के कारण बदं है।
मांग में आयी वृद्धि: बढ़ती गर्मी के बीच मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है। एसएलडीसी रिपोर्ट की मानें तो बिजली की मांग 2500 मेगावाट है। जबकि राज्य के अपने स्रोतों और अन्य राज्यों से लगभग 2100 मेगावाट तक बिजली मिल रही है। ऐसे मं चार सौ मेगावाट तक बिजली की कमी है। दो दिन पहले तक राज्य में बिजली की मांग 2200 मेगावाट थी। राजधानी रांची की बात करें पहले 270 से 300 मेगावाट तक बिजली की मांग रहती थी, जबकि पिछले कुछ दिनों से मांग 350 मेगावाट हो गयी है।