बेगूसराय। इंडियन ऑयल के निदेशक (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. एस.एस.वी. रामाकुमार ने बरौनी रिफाइनरी का दौरा किया। इस दौरान यूनिट का दौरा करने के साथ विभिन्न कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक एवं पौधारोपण भी किया।
डॉ. रामाकुमार ने बरौनी रिफाइनरी में इंडजेट यूनिट, एमएसक्यू कंट्रोल रूम, बीआर-09 परियोजना स्थल और डीईएफ प्लांट आदि का दौरा किया। ऑफिसर क्लब में कर्मचारियों के साथ संवाद में उन्होंने कहा कि इंडजेट, इंडमैक्स, इंड-कोक जैसी तकनीकों और जैव-समाधानों की मेजबानी के साथ बरौनी रिफाइनरी, इंडियन ऑयल आरएंडडी द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीकों को क्रियान्वयन करने का नया केंद्र है।
रिफाइनरियों के भविष्य पर उन्होने कहा कि अपने देश में आने वाले दशकों में पारंपरिक ईंधन की मांग में वृद्धि होने वाली है। यह इंडियन ऑयल द्वारा हमारी रिफाइनरियों के विस्तार को बल प्रदान करता है। इसके साथ ही भविष्य में रिफाइनरियों के सतत विकास के लिए इंडियन ऑयल रिफाइनरियों के पेट्रोकेमिकल एकीकरण में भी निवेश कर रहा है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ और हरित पर्यावरण का संदेश देने के लिए डॉ. रामाकुमार के नेतृत्व में साइकिल रैली का आयोजन किया गया। जिसकी शुरुआत बरौनी रिफाइनरी के गेस्ट हाउस से की गई। इस रैली में डॉ. रामाकुमार के साथ बरौनी रिफाइनरी के अधिकारी, सीआईएसएफ, बीटीएमयू और आईओओए के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके बाद सीआईएसएफ के डीसी नवीन कुमार के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बरौनी रिफाइनरी के ध्येय ”हर कदम प्रकृति के संग” को चरितार्थ करते हुए बरौनी रिफाइनरी इको पार्क में वरिष्ठ अधिकारियों, बीटीएमयू और आईओओए के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डॉ. रामाकुमार ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने बरौनी रिफाइनरी इको पार्क की सराहना की।
रिफाइनरी के प्रशासनिक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक कर उन्होंने बरौनी रिफाइनरी, ईआरपीएल तथा मार्केटिंग डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किया। इस दौरान उप महाप्रबंधक (टीएस) देवराज अर्श एवं मुख्य प्रबंधक (ईएमएस, सीएसआर) नीरज कुमार ने रिफाइनरी पर विस्तृत प्रस्तुति दी। जबकि, अनुसंधान एवं विकास केंद्र के कार्यपालक निदेशक (आरटी) डॉ. मधुसूदन साव ने इंडियन ऑयल द्वारा विकसित विभिन्न स्वदेशी तकनीकों पर प्रस्तुति दी।