आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। हेमंत सोरेन की सरकार राज्य में रहनेवाले किन्नर को हर माह एक हजार रुपये पेंशन देगी। महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया है। विभागीय मंत्री और विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने इसे मंजूरी दे दी है। अब सिर्फ कैबिनेट से स्वीकृति मिलनी बाकी है। लाभुकों का चयन होने के बाद सरकार पेंशन राशि ट्रांसजेंडर के बैंक खाते में जमा करेगी। सरकार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार राज्य में लगभग 14 हजार ट्रांसजेंडर हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में ट्रांसजेंडर के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू करने के संबंध में विचार करने को कहा था। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार योजना शुरू करने जा रही है। वैसे किन्नर, जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो और उनके पास मतदाता पहचान पत्र हो, उन्हें पेंशन मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी और शहरी क्षेत्र में अंचल अधिकारी के कार्यालय में उन्हें आवेदन करना होगा। ट्रांसजेंडर वही माने जायेंगे, जिन्हें अधिनियम 2019 के तहत डीसी स्तर के अधिकारी से प्रमाण पत्र मिला है। आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, ट्रांसजेंडर का प्रमाण पत्र, पात्रता संबंधी घोषणा पत्र जमा करना होगा। जिन लोगों को किसी भी रूप में पारिवारिक पेंशन प्राप्त होती है, वह इसके हकदार नहीं होंगे। आयकरदाता होने की स्थिति में भी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जिन लाभुकों को महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा हो, उन्हें भी पेंशन नहीं मिलेगी।
किन्नरों को हर माह 1000 रुपये पेंशन देगी हेमंत सोरेन सरकार
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