दौसा। राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। पायलट ने कहा कि राजस्थान और देश में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। किसी ने सही कहा है कि हर गलती सजा मांगती है। आपस में कैसे भी संबंध हों, सबसे बड़ा न्याय नीली छतरी वाला देता है। आज नहीं तो कल न्याय जरूर मिलेगा।
सचिन पायलट ने अपने पिता राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि पर गुर्जर छात्रावास में आयोजित सभा में कहा कि बेबाकी से बोलना, सच्चाई और ईमानदारी के साथ विपरीत परिस्थितियों में समझौता न करना राजेश पायलट ने सिखाया है। मैं सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करता हूं। पांच साल प्रदेशाध्यक्ष रहा तो सरकार के दांत खट्टे कर दिए। वसुंधरा राजे का विरोध साल के 365 दिन किया।
पायलट ने कहा कि राजेश पायलट ने छोटे किसान के घर में जन्म लेकर ऊंचाई पर पहुंचकर अपना दामन साफ रखा। यह राजनेता की सबसे बड़ी सफलता है। राजेश पायलट की राजनीति अनोखी रही है, कभी-कभार वो भी राजनीति में लटके-झटके कर देते थे, लेकिन उनके केंद्र में गरीब, वंचित रहते थे।
पायलट ने कहा कि परिस्थिति कोई भी, आप लोगों के लिए संघर्ष करना, न्याय दिलाने का वादा कल भी था, आज भी है, कल भी रहेगा। राजनीति में बात रखना जरूरी है। मुझे भी राजनीति में 20 साल हो गए। मैंने हमेशा नौजवानों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए काम किया है। मेरी आवाज में बुलंदी दौसा के लोगों के कारण है। मैंने जो आवाज उठाई है, उससे पीछे हटने वाला नहीं हूं। हम किसी पद पर हों या न हों, जनता हमेशा तौल कर रखती है कि कहते क्या थे, करते क्या थे? मेरे लिए जनता की विश्वसनीयता सबसे बड़ी पूंजी है।
पायलट ने गुर्जर छात्रावास में पिता राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण भी किया। इससे पहले पायलट सुबह 10 बजे भंड़ाना पहुंचे। यहां राजेश पायलट के स्मारक पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की और प्रार्थना सभा में शामिल हुए। राजेश पायलट को श्रद्धांजलि देने वालों में कैबिनेट मंत्री परसादीलाल मीणा, प्रतापिसंह खाचरियावास, ममता भूपेश शामिल हैं। थ ही मंत्री हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा, बृजेंद्र ओला भी पहुंचे। विधायक ओमप्रकाश हुडला, मुकेश भाकर सहित राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी, नसीम अख्तर, पूर्व विधायक नवीन पिलानिया, खिलाड़ी राम बैरवा भी राजेश पायलट को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।