नवादा। बिहार के नवादा जिले में भीषण गर्मी कहर बरपा रही है। लू की चपेट में आने से दो दिनों में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सदर अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिए जाने के कारण कई लोगों की रजिस्टर में एंट्री नहीं हो सकी है।शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया है।
रजिस्टर में एंट्री नहीं होने और पोस्टमार्टम नहीं होने की वजह से मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं डॉक्टर के द्वारा मात्र 4 लोगों की ही पुष्टि की जा रही है। ड्यूटी में रहे डॉ मुकेश कुमार ने कहा कि मेरे ड्यूटी के दौरान 4 लोगों की मौत हुई है। बहरहाल, लू से मौत की घटनाओं ने वर्ष 2019 की याद ताजा करा दी है।
शनिवार को नरहट प्रखंड के अबगिल गांव की उर्मिला देवी ने सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतका के परिजनों के मुताबिक वह दोपहर में घर के बाहर चापाकल पर नहा रही थी। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन फानन में उन्हें नरहट पीएचसी में भर्ती कराया, जहां से सदर अस्पताल नवादा रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल से भी महिला को विम्स पावापुरी के लिए रेफर कर दिया गया।जब तक परिजन एम्बुलेंस की व्यवस्था करते, तब तक महिला ने दम तोड़ दिया। इसी प्रकार करीब सात लोगों की मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इसके पहले गुरुवार तक 20 लोगों की मौतें हुईं है।
फिलहाल प्रतिदिन अकेले सदर अस्पताल में 400 से अधिक लोग इन शिकायतों को लेकर पहुंच चुके हैं। निजी क्लीनिक में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
जिले में गर्मी का सितम जारी है। आलम यह है कि पौ फटते ही सूरज आग उगल रहा है। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लू बहने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है।
नवादा सदर अस्पताल के सर्जन डॉक्टर मुकेश कुमार ने कहा है कि भीषण गर्मी व लू से अब तक सदर अस्पताल में हमारे ड्यूटी के दौरान 4 लोगों की मौत हुई है। दो बॉडी डेड आए थे और इलाज के दौरान भी दो मौत हो गई है।