रांची। मनी लांंड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड सरकार के मंत्री आलमगीर आलम ने मंत्री पद और सीएलपी पद से इस्तीफा दे दिया है। संभव है कि वह इस्तीफा सोमवार को मुख्यमंत्री को मिल जाये। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आलमगीर आलम ने 8 जून को ही इस्तीफा दे दिया है। चूंकि वह जेल में हैं, इसलिए वहां से इस्तीफा पत्र बाहर आने में कुछ प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार जेलर के हाथों में 8 जून को ही इस्तीफा पत्र मिल गया था।
चूंकि 8 जून को शनिवार था, इसलिए शाम को वह पत्र सीएम के पास नहीं पहुंच पाया। 9 जून को रविवार होने के कारण भी इस्तीफा पत्र बाहर नहीं आ पाया। उम्मीद जतायी जा रही है कि उनका इस्तीफा पत्र सोमवार की शाम तक मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन तक पहुंच जायेगा। बता दें कि अभी पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर राज्यपाल ने आलमगीर आलम के सभी विभाग मुख्यमंत्री के जिम्मे कर दिया था। जेल में होने के कारण आलमगीर आलम के विभाग के सारे कामकाज ठप हो गये थे। इसलिए मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से यह अनुशंसा की थी कि उनके विभाग का जिम्मा सीएम को दे दिया जाये।
बता दें कि इस्तीफा नहीं देने के कारण आलमगीर आलम की किरकिरी हो रही थी। कांग्रेस से भी सवाल किये जा रहे हैं। सवाल उठाया जा रहा था कि आरोप लगने के बाद गिरफ्तारी से पहले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपना इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद उन्हें इडी ने गिरफ्तार किया था। दूसरी तरफ जेल जाने के बाद भी आलमगीर आलम ने इस्तीफा नहीं दिया था। आलमगीर आलम के इस्तीफा नहीं देने के कारण बार-बार कांग्रेस को सवालों के घेरे में लिया जा रहा था।