-हेमंत सोरेन की जमानत पर आदेश सुरक्षित
रांची। बरियातू के बड़गाई में 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में आरोपी पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड हाइकोर्ट में दायर जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गयी। इसके बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। इडी के वकील एसवी राजू ने हेमंत सोरेन ने अनधिकृत रूप से बड़गाई अंचल के 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है, जो पीएमएलए 2002 में निहित प्रावधानों के तहत मनी लांड्रिंग है। इडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन काफी प्रभावशाली शख्स हैं और स्टेट मिशनरी का यूज करते हुए उन्होंने खुद को बचाने के तमाम प्रयास किये थे। जमानत मिलने पर सोरेन की ओर से राज्य मशीनरी का दुरुपयोग करके जांच को बाधित करने का प्रयास कर सकते हैं।

बड़गाई स्थित जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना थी। आर्किटेक विनोद सिंह ने नक्शा बना कर हेमंत सोरेन के मोबाइल पर भेजा था। साथ ही विनोद ने सर्वे के दौरान बड़गाई स्थित जमीन की पहचान की थी। राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद पर भी हेमंत सोरेन की मदद की थी। भानु प्रताप प्रसाद ने अपने बयान में भी यह स्वीकार किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले निर्देश पर उसने बड़गाई स्थित जमीन का विस्तृत ब्योरा तैयार कर उपलब्ध कराया था। वहीं हेमंत सोरेन की ओर सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा की ओर से कहा गया कि इसमें मनी लांड्रिंग का मामला नहीं बनता है। राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है और यह जांच एजेंसी यानी प्रवर्तन निदेशालय का दुरुपयोग केंद्र सरकार के द्वारा किया गया दुर्भावनापूर्ण अभियोजन है। विनोद सिंह के व्हाट्सएप चैट में जिस 8.86 जमीन पर बैंक्वेट हॉल की बात कही जा रही है, वह उस जमीन का नहीं है। यह केवल इडी का अनुमान भर है। दोनों पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने फैसला रख लिया।

 

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