रांची। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि वैसे तो पूरे झारखंड में आदिवासी जमीन की लूट मची है और इसमें हर नियम-कानून के साथ ही सीएनटी और एसपीटी एक्ट की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं, लेकिन राजधानी रांची में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आदिवासी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री में अनेक पुलिस पदाधिकारियों, नेताओं, अपराधियों और माफिया तत्वों की भी संलिप्तता है। यदि उन पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो राजधानी रांची से आदिवासी ही विलुप्त हो जायेंगे। श्री तिर्की ने कहा की राजधानी रांची में बेहद सक्रिय जमीन दलालों की सूची बनाकर उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जरूरत पड़े तो उन्हें जिला बदर करते हुए कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे जमीन लूट को बंद करने की सुनिश्चितता हो।
श्री तिर्की ने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक बात है कि एक ओर मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के द्वारा आदिवासी जमीन को लूट से बचाने के लिए शीर्ष स्तर पर अनेक बैठकें की जा रही हैं और उनके द्वारा दिशा-निर्देश भी दिया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि जमीनी स्तर पर उन निर्देशों का ना तो कोई अनुपालन हो रहा है और ना ही इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर संबंधित पदाधिकारी ही गंभीर हैं। श्री तिर्की ने कहा कि आदिवासी जमीन की लूट के मामले में सरकार को सभी मामलों को संज्ञान में लेने और आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस पदाधिकारियों ने फर्जी डीड बनवा कर आदिवासी जमीन को अपने नाम करवा लिया है। जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के संदर्भ में जो भी मामले सामने आते हैं, उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और जो लोग भी इसमें शामिल हैं, उनके ऊपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा कि सरकार से अपेक्षा है कि आदिवासी जमीन के अवैध धंधे में संलिप्त जमीन दलालों की सूची बना कर अविलंब कार्रवाई की जाये।