कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदिवासियों के बीच भगवान की तरह पूजे जाने वाले बिरसा मुंडा को पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि दी है। सीएम ने कहा है कि उनके नेतृत्व वाली सरकार हर साल इस मौके पर राज्य अवकाश मानती है। रविवार को मुख्यमंत्री ने माइक्रो ब्लॉकिंग साइट एक्स पर लिखा, “मैं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनकी निडर देशभक्ति, अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की मानसिकता हमारी प्रेरणा है।”

ममता ने लिखा, “मुझे गर्व है कि हमारी राज्य सरकार इस वीर शहीद के सम्मान में हर वर्ष उनकी जयंती को अवकाश के रूप में मनाती है। हमने जंगलमहल में अपने एक विश्वविद्यालय का नाम आदिवासी समाज के इस दिग्गज के नाम पर रखा है।”

15 नवम्बर 1875 को जन्में बिरसा मुंडा एक भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोक नायक थे। उन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी (अब झारखंड) में हुए एक आदिवासी धार्मिक सहस्राब्दी आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए। भारत के आदिवासी उन्हें भगवान मानते हैं और ”धरती आबा” के नाम से भी जाना जाता है। नौ जून 1900 को वह बलिदान हो गए थे।

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