रामगढ़। शहर के विद्यानगर मोहल्ले में बुजुर्ग महिला सुशीला देवी हत्याकांड में पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने के लिए सारे सबूत जुटा रही है। हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार और पूरी योजना का खुलासा करने के बाद रामगढ़ पुलिस ने उस पूरे घटनाक्रम के सीन को रीक्रिएट किया है।
मजिस्ट्रेट और वरीय पुलिस पदाधिकारियों की मौजूदगी में शुक्रवार को रामगढ़ थाना पुलिस ने अभियुक्त कुमारी स्नेहा उर्फ रिंकी, उसके पति आरिफ नैयर उर्फ आर्या, हत्याकांड में शामिल अफसर अली और काशिफ मून अमीन को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। 30 मई को दिनदहाड़े किस तरीके से सुशीला देवी की हत्या की गई थी, उस कांड के हर उस किरदार को ठीक उसी तरह अपराधियों ने एक बार फिर निभाया है।
इसका वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस ने किया। वह पूरा रिकॉर्डिंग अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। अशर्फी प्रसाद और उनकी बेटी अल्का पाल की गैर मौजूदगी में सुशीला देवी जब घर में अकेली थी तब सबसे पहले उनसे कौन मिला। किस तरह की बातें की और उसके बाद किस तरह बाकी साथियों को घर में घुसाया गया। कितना समय का अंतराल सभी के आने-जाने के बीच रखा गया था। वह सारे तथ्य अपराधियों ने एक बार फिर करके दिखाया है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान दंडाधिकारी के रूप में रामगढ़ सीओ सत्येंद्र नारायण पासवान, एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, प्रशिक्षु डीएसपी फौजान अहमद, रामगढ़ थाना प्रभारी अजय कुमार साहू, रजरप्पा थाना प्रभारी नवीन कुमार पांडे, बरकाकाना थाना प्रभारी अख्तर अली, महिला थाना प्रभारी श्वेता कुजूर, सब इंस्पेक्टर सौरभ ठाकुर, ओंकार पाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।