रांची। गुरुवार को सुबह से सूरज ने आंखें तरेड़नी शुरू कर दीं। इसका नतीजा हुआ कि आसमान से आग का गोला बरसने लगा। पूरे दिन लोग गर्मी से बेहाल रहे। सूरज आसमान में अपना रौद्र रूप दिखाता रहा। गर्मी से बच्चे, बूढ़े और जवान परेशान रहे। पंखे और कूलर भी फेल दिखायी दिये। झारखंड के 18 जिलों में हीट वेव की स्थिति है। पलामू, चतरा, गढ़वा में पारा 45 के पार है। लोगों को मानसून का इंतजार है। वहीं अब मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जानकारी दी गयी है कि इस बार राज्य में मानसून की फुहारें देर से बरसेंगी। पहले जहां अनुमान था कि मानसून 15 जून तक राज्य में प्रवेश करेगा, वहीं अब इसके 20 जून तक प्रवेश की बात कही जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना था, जो कमजोर पड़ गया। लो प्रेशर के कमजोर होने से मानसून की गति पर असर पड़ा है। इससे मानसून की गति धीमी हो गयी है। मानसून का प्रवेश झारखंड में 20 जून तक होने की संभावना जतायी जा रही है। ऐसे में लोगों को 20 जून तक गर्मी और उमस का कहर झेलना होगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 16 जून तक पूरे राज्य में गर्मी की विषम स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज, चतरा, गढ़वा का दर्ज किया गया। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं-कहीं मेघगर्जन और आंधी के साथ हल्की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 10.2 मिमी दुमका के हरिपुर में रिकार्ड की गयी। राज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से में कुछ जगहों पर हीटवेव का सर्वाधिक असर देखने को मिला।
डॉक्टर की सलाह, बरतें सावधानी
डिहाइड्रेशन-अत्यधिक गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में अधिक तरल पदार्थ निकल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे थकान, सिरदर्द, चक्कर आना और मुंह सूखना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हीट क्रैंप- पसीने के साथ खो जाने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन के कारण मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन हो सकती है।
गर्मी की वजह से थकान- लंबे समय तक धूप में रहने या गर्म वातावरण में काम करने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे कमजोरी, अत्यधिक पसीना आना, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हीटस्ट्रोक- यह लू से संबंधित सबसे गंभीर स्थिति है। इसमें शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है और उसे नियंत्रित करने में शरीर विफल हो जाता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, बेहोशी, दौरे और कभी-कभी मृत्यु भी शामिल हो सकती है।
हार्ट से जुड़ी समस्याएं- बहुत ज्यादा देर तक धूप और गर्मी में रहने या हीटवेव की चपेट में आने के कारण हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा रहता है।
रहें अलर्ट
पानी पीते रहें- दिन भर में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। भले ही आपको प्यास न लगे। पानी, छाछ, फलों का रस, नारियल पानी आदि का सेवन करें। शराब और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं।
धूप से बचें- सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है, तब सीधे धूप में निकलने से बचें। अगर आपको बाहर निकलना ही पड़े, तो छाते, टोपी या कपड़े से सिर और चेहरे को ढक लें।
हल्के और ढीले कपड़े पहनें-गहरे रंगों के बजाय हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें। इससे पसीना जल्दी सूख जायेगा और शरीर को ठंडक महसूस होगी।
घर को ठंडा रखें- घर के पर्दे या खिड़कियों को बंद कर दें, ताकि धूप अंदर न आ पाये।
नहाते रहें- ठंडे पानी से नहाना या ठंडे तौलिये से शरीर को पोंछना शरीर के तापमान को कम करने में मदद करता है।