नई दिल्ली। भारत ने अफ्रीकी संघ आयोग के अनुरोध पर इबोला और इससे होने वाले संक्रमण से निपटने में सहायता के लिए अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) को मंगलवार को 43 टन चिकित्सा सहायता की दूसरी खेप भेज दी। अफ्रीकी संघ आयोग के अनुरोध पर भेजी गई इस सहायता में सुरक्षात्मक उपकरण, निदान एवं निगरानी उपकरण, नमूना परिवहन किट, संक्रमण रोकथाम सामग्री, दवाएं और पूरक सामग्री शामिल हैं। यह खेप युगांडा की राजधानी कंपाला पहुंचने पर अफ्रीका सीडीसी को सौंपी जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने आज बताया कि चिकित्सा सहायता की यह खेप मंगलवार को रवाना की गई है और इसके कंपाला पहुंचने के बाद अफ्रीका सीडीसी को सौंप दिया जाएगा। यह सहायता अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा इबोला संक्रमण से निपटने की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से भेजी गई है। दूसरी खेप में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा संस्थानों के लिए आवश्यक विभिन्न उपकरणों और सामग्रियों को शामिल किया गया है, जिनका उपयोग इबोला संक्रमण की पहचान, निगरानी और रोकथाम में किया जाएगा।

मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अफ्रीका सीडीसी को चिकित्सा सहायता की पहली खेप 24 मई को भेजी थी। युगांडा की राजधानी कंपाला पहुंची इस खेप में लगभग 2.5 टन तत्काल चिकित्सा सामग्री शामिल थी। इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, चिकित्सा निगरानी उपकरण और आवश्यक दवाएं भेजी गई थीं। मंत्रालय के अनुसार, दोनों चरणों में भेजी गई चिकित्सा सहायता का उपयोग अफ्रीका सीडीसी के माध्यम से इबोला प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा और युगांडा की राजधानी कंपाला स्थित भारतीय मिशन अफ्रीकी संघ आयोग तथा अफ्रीका सीडीसी के साथ समन्वय में कार्य कर रहे हैं। चिकित्सा सहायता की आपूर्ति और वितरण से संबंधित गतिविधियों में भी भारतीय मिशन सहयोग कर रहे हैं।

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