रांची: आरक्षी बहाली में मेडिकल जांच में अनफिट घोषित करने को लेकर दाखिल मिथुन कुमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई हाइकोर्ट में हुई। न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट ने मामले में नाराजगी जताते हुए टिप्पणी की है। कोर्ट ने मामले में मौखिक रूप से राज्य सरकार से पूछा कि आरक्षी बहाली में फिट अभ्यर्थियों को कैसे अनफिट घोषित किया गया। जबकि सीआरपीएफ के मेडिकल बोर्ड ने जांच में 36 में से 30 अभ्यर्थियों को फिट घोषित किया है।
अदालत ने मौखिक कहा कि जांच रिपोर्ट को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि इस बहाली में योग्य उम्मीदवारों को वंचित कर अयोग्य उम्मीदवारों का भी चयन एवं बहाली की गयी है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया में फिट अभ्यर्थियों को सरकार नियुक्त करे और संबंधित मेडिकल बोर्ड के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे।
अदालत के कड़े रुख को देखते हुए सरकार की ओर से मामले में बिना कोई आदेश पारित किये एक अवसर देने का आग्रह कोर्ट से किया गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इसी तरह के एक मामले में अदालत ने सरकार को एक समिति का गठन कर अनफिट घोषित अभ्यर्थियों की दोबारा मेडिकल जांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई पांच अगस्त को निर्धारित की।

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