रांची: झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य की भाजपा गठबंधन की सरकार से भारत के संविधान के अनुरूप शासन चलाने की मांग की। कहा कि झारखंड विधानसभा के पिछले सत्र में सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट में संशोधन को सरकार ने 23 नवंबर 2016 को पारित करवा कर राज्यपाल को अनुमोदन के लिए भेजा था। राज्यपाल ने इस संशोधन विधेयक को 24 मई 2017 को पुनर्विचार के लिए सरकार को अपने मंतव्यों के साथ वापस भेज दिया है। इसके बाद इस विधेयक पर पुनर्विचार के लिए तीन जुलाई 2017 को जनजातीय सलाहकार परिषद(टीएसी) की बैठक हुई। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सीएनटी एक्ट तथा एसपीटी एक्ट झारखंड के आदिवासी एवं मूलवासियों के अस्तित्व एवं पहचान का मूल संवैधानिक कवच है। इन संवैधानिक प्रावधानों पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ से राज्य की सामाजिक एवं भौगोलिक स्थिति पर संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

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