गुमला: डुमरी प्रखंड में 22 जुलाई को हुए चर्चित इमरान हत्याकांड के मुख्य आरोपी उसके पड़ोसी ही निकले। हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में मोहम्मद जमील आलम, भाई शहजाद आलम व उसकी दो सगी बहने सहजादी परवीन व सबा परवीन को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में उपायुक्त श्रवण साय व पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा ने संयुक्त रुप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों की इसकी जानकारी दी। यूं घाटी थी घटना : घटनाक्रम के बारे में बताते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 21 जुलाई को शुक्रवार के दिन डुमरी निवासी इम्तियाज आलम के पुत्र इमरान का अपहरण कर लिया गया था। इससे संबंधित एक आवेदन इम्तियाज ने डुमरी थाना में दिया था। 22 जुलाई को इमरान का शव कब्रस्तान के पास वाले कुएं से बरामद किया गया। पुलिस व आम जनों का ध्यान भटकाने के लिए उसे नरबलि का रुप दिया गया था ।
इसलिए पड़ोसियों ने की इमरान की हत्या
हत्या के कारणों का खुलासा करते हुए एसपी ने कहा कि मृतक इमरान का पिता इम्तियाज जमील के घर किराया में रहा करता था। एक दिन इम्तियाज की पत्नी से जमील की बहन शहजादी परवीन का झगड़ा बाल्टी में ईंट गिर जाने के कारण हो गया। बात इतनी बढ़ी कि जमील के परिवार वालों ने इम्तियाज वह उसकी पत्नी से घर खाली करवा दिया। इस पर घर खाली करते समय इम्तियाज की पत्नी ने कहा कि भगवान तुम्हें कभी खुश नहीं रखेगा। इसके कुछ ही दिनों के बाद जमील के पिता फिदा उर रहमान की मौत उसी कमरे में बीमारी के कारण हो गई जिस कमरे में इम्तियाज अपनी पत्नी के साथ रहता था। जमील के परिवार वालों ने यह शक किया कि इम्तियाज व उसकी पत्नी ने जादू टोना करा कर उसके पिता की जान ले ली उसी दिन के बाद से पूरा परिवार इम्तियाज के परिवार से बदला लेने की फिराक में था। 21 जुलाई को इम्तियाज का बेटा इमरान उसके बरामदे में खेल रहा था । मुहल्ला सुनसान देख कर जमील के परिवार वालों ने इमरान को घर के अंदर बुला लिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या को छुपाने के लिए जमील के परिवार वालों ने नरबलि की मनगढ़ंत कहानी बनाकर भगत शिमलाल पर आरोप लगा दिया। पुलिस ने शिमलाल को गिरफ्तार भी किया लेकिन मामले की छानबीन भी शुरू कर दी गयी। जमील के घर से चाकू और खून में सना दुपट्टा भी पुलिस ने बरामद किया है।
अनुसंधान में ये थे शामिल
अनुसंधान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भूपेंद्र प्रसाद रावत थाना प्रभारी डुमरी चक्रवर्ती कुमार राम थाना प्रभारी चैनपुर श्यामबिहारी मांझी थाना प्रभारी रायडीह राजेश कुमार सिंह शामिल थे।
दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा: डीसी
उपायुक्त ने इस संबंध में कहा कि 6 वर्षीय मासूम बालक की हत्या अच्छा मैं अपराध है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अपने अपराध को छुपाने के लिए अपराधियों ने इसे संप्रदायक रंग देने की कोशिश की है । उन्होंने पुलिस प्रशासन के कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस पदाधिकारियों की सूझबूझ है असली अपराधी गिरफ्तार हुए हैं