रांची: रांची वीमेंस कॉलेज में सोमवार को एक अलग तरह की गहगागहमी थी। यहां उपस्थित शिक्षिकाओं में एक अलग तरह की जिम्मेदारी का एहसास था, तो छात्राओं के चेहरे पर देश और समाज के प्रति सेवा भाव। अवसर था रांची वीमेंस कॉलेज के साइंस ब्लॉक के सेमिनार हॉल में स्वच्छता अभियान एवं पौधरोपण कार्यक्रम का। इसके आयोजक थे भाजपा के स्वच्छता अभियान के प्रदेश संयोजक बिंदुभूषण दुबे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ केके नाग, विशिष्ट अतिथि कोआर्डिनेटर एनएसएस डॉ पीके झा आमंत्रित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची वीमेंस कॉलेज की प्राचार्य डॉ मंजू सिन्हा कर रही थीं।
इस सेमिनार हॉल में भारत मां की एक तसवीर भी थी। यहां दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा का भाव दर्शाया गया। यह बताने का प्रयास किया गया कि देश सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं हो सकता है। इसके साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अब बारी थी, अतिथियों के सम्मान की, जिसे कार्यक्रम के संयोजक बिंदुभूषण दुबे ने पुष्प गुच्छ देकर पूरा किया। वह दृश्य आत्मविभोर कर देनेवाला था, जब सभी छात्राओं को स्वच्छता के प्रति शपथ दिलायी गयी। सेमिनार हॉल में वह गजब का मनोहारी दृश्य था।

स्वच्छता है, तो स्वास्थ्य है: बिंदुभूषण दुबे
संयोजक बिंदुभूषण दुबे ने विषय प्रवेश कराया और स्वच्छता के महत्व को बताते हुए कहा कि भले ही हम आज आजाद हैं, लेकिन हमें पूर्ण आजादी तभी मिलेगी, जब हम अपने देश को पूर्ण स्वच्छ बनायेंगे। स्वच्छ भारत का सपना हमारे बापू गांधीजी ने देखा था। आजादी के बाद कई सरकारें बनीं और स्वच्छता पर योजनाएं भी बनायी गयीं, लेकिन, 2 अक्तूबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया और उन्होंने खुद इसकी पहल करते हुए हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता के महत्व से देश के लोगों को अवगत कराया। श्री दुबे ने कहा कि स्वच्छता है तो स्वास्थ्य है, स्वास्थ्य है, तो जीवन है और जीवन है तो समाज है। साथ ही कहा कि इस बात को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि देश है तो हम और आप हैं। हमें अपने आपको बचाना है, तो हमें जागरूक होना पड़ेगा। तभी हम अपनी आनेवाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण-स्वस्थ जीवन दे सकेंगे। उन्होंने आगत अतिथियों का परिचय भी दिया और उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक गीत और नृत्य से स्वच्छता के मोल को दर्शाया
कार्यक्रम में मौजूद गायिका मृणालिनी अखौरी और ज्योति साहू ने अपने गीत से प्रकृति की सुंदरता और पवित्रता को दर्शाया। उन्होंने गीतों से प्रकृति और धरती से जुड़ी खूबियों को अपनी मधुर आवाज से लोगों के सामने पेश किया। विपुल नायक ने अपने नृत्य से जल, जंगल, जमीन, पशु और पक्षियों के रिश्तों को दर्शाया। उन्होंने अपने नृत्य से मनुष्य को इन्हें बचाने का संदेश भी दिया।

निष्कर्ष:
कुछ कार्यक्रम ऐसे होते हैं, जो नृत्य, संगीत और चकाचौंध के लिए याद किये जाते हैं। लेकिन वीमेंस कॉलेज में सोमवार का कार्यक्रम छात्राओं-शिक्षिकाओं में एक जिम्मेदारी का एहसास करा गया। इस कार्यक्रम ने यह भी संदेश दिया कि देश सेवा सिर्फ सरहद पर ही नहीं की जा सकती, हम और आप हर जगह, हर रूप में देश सेवा कर सकते हैं। स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने से बड़ी कोई देश सेवा नहीं हो सकती। इस सेवा में जीवन है। इस सेवा में प्राण है। इस सेवा में संस्कृति और संस्कार है। इस सेवा से हम आनेवाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन दे सकते हैं। स्वस्थ जीवन से बड़ी कोई पूंजी नहीं होती।

मुख्य अतिथि के रूप में आये डॉ केके नाग ने सामान्य साइंस के माध्यम से स्वच्छता और वातावरण के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि जीने के लिए सबसे जरूरी है आॅक्सीजन, और आॅक्सीजन हमें सिर्फ पेड़ और पौधों से ही मिल सकता। इसका कोई विकल्प नहीं है। पेड़-पौधे के लिए जरूरी है स्वच्छ जल। अगर स्वच्छता नहीं होगी, तो पेड़-पौधे भी नष्ट हो जायेंगे। मनुष्य और वनस्पति एक दूसरे के पूरक हैं। आनेवाली पीढ़ी को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिले, उसके लिए हमें आज स्वच्छता के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। डॉ केके नाग ने इस मौके पर संयोजक बिंदुभूषण दुबे और प्राचार्य मंजू सिन्हा को स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने और इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए सराहा और उन्होंने वहां मौजूद वीमेंस कॉलेज की शिक्षिकाओं और छात्राओं से समाज को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया।

देश सेवा है स्वच्छता अभियान: डॉ मंजू सिन्हा
वीमेंस कॉलेज की प्राचार्य डॉ मंजू सिन्हा ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान एक राजनीति मुक्त अभियान है और देशभक्ति से प्रेरित है। यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक जिम्मेदारी है। हम इसके लिए सरकार को दोष नहीं दे सकते, देश को स्वच्छ बनाने के लिए हम लोगों को ही आगे आना पड़ेगा। उन्होंने वहां मौजूद अन्य शिक्षिकाओं और छात्राओं को अपने परिवार और आसपास के लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि अगर राह चलते आपको सड़क, मॉल या स्कूल में कूड़ा दिखाई दे, तो आप उसे उठाकर कूडेÞदान में डाल दें और यदि कोई आपके सामने गंदगी फैला रहा हो, तो आप उसे तुरंत ऐसा करने से मना करें। उन्हें स्वच्छता के महत्व को समझायें। कार्यक्रम के अंत में डॉ केके नाग की अगुआई में वीमेंस कॉलेज में 120 पौधे लगाये गये।

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