नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका में ककरोला डेयरी इलाके के हरि विहार में घर की छत गिरने के हादसे ने तीन बच्चों के सिर से मां-बाप का साया छीन लिया। रविवार रात को RZ-92 नंबर वाले मकान में सुनील और रचना अपने दो बेटों और बेटी के साथ सो रहे थे। छत गिरने पर वे सभी मलबे में दब गए। हादसे में घर की लाइट भी चली गई। धमाके की आवाज से पहले पड़ोसी पहुंचे। वे दीवार के एक हिस्से को तोड़कर टूटी छत के रास्ते ही अंदर पहुंच सके। दोनों बेटे मलबे में आधे-आधे नजर आ रहे थे। पुलिस ने लाइट का इंतजाम किया और फिर एक घंटे तक मलबा हटाने के बाद सभी को बाहर निकाला जा सका। इन्हें बाद में पीसीआर और कैट्स एंबुलेंस की मदद से पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया। वहां सुनील और रचना को मृत घोषित कर दिया गया। तीनों बच्चे घायल हैं।
पुलिस का कहना है कि घर के मुखिया सुनील की मौत अपनी 9 साल की बेटी को बचाते वक्त हो गई। जैसे ही दीवार गिरने लगी सुनील ने बेटी को पूरी तरह से कवर कर लिया। बचाव दल को सुनील और बेटी राधिका दोनों एक ही पोजिशन में मलबे के नीचे दबे मिले। हालांकि सुनील की मौत हो गई और राधिका को कई फ्रैक्चर आए हैं। जब राधिका को पिता की मौत की खबर दी गई तो उसने रोते-रोते कहा, ‘पिता सुनील ने हमारा भविष्य संवारने के लिए कई कुर्बानियां दीं, वह मेरे लिए कवच बने ताकि मैं सुरक्षित रहूं।’