रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय के द्वारा राजेंद्र बिरहोर की मौत के मसले पर मुख्यमंत्री, कल्याण मंत्री सहित अनेक लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आवेदन देने के मामले को ड्रामेबाजी करार दिया। कहा कि राजेंद्र बिरहोर लंबे समय से पीलिया रोग से ग्रसित थे। उनकी पत्नी शांति देवी के आग्रह पर पोस्टमार्टम नहीं किया गया। अब इस पूरे मामले को भूख से हुई मौत से जोड़कर डॉ अजय कुमार शव पर राजनीति कर रहे है। मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आदिम जनजातियों के लिए आदिम जनजाति बटालियन का गठन किया, जिसमें सीधे हजारों आदिम जनजाति के युवक-युवतियों की नियुक्ति हुई। डाकिया योजना के अंतर्गत आदिम जनजाति के घरों तक अनाज पहुंचाने की व्यवस्था की गयी। आदिम जनजातियों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और गृह निर्माण के कार्य किये जा रहे हैं। इसके बाद मुद्दाविहीन हो गये कांग्रेस अध्यक्ष अब मौत पर राजनीति करने पर उतर आये हैं। यह पूरा प्रकरण बहुत ही शर्मनाक है।
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