नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत, अमेरिका, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं की पहली शिखरवार्ता में गुरुवार को भाग लेते हुए कहा कि यह नया मंच दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

अमेरिका-भारत के साथ ही पश्चिमी एशिया के दो देशों यूएई और इजरायल के इस मंच को ‘आई2यू2’ का नाम दिया गया है। प्रथम अक्षर भारत और इजरायल और दूसरे दो अमेरिका और यूएई के लिए हैं।

मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए गुरुवार को शिखरवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस नए मंच के चारों देशों ने जल, ऊर्जा, परिवहन, खाद्य सुरक्षा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य इन छह क्षेत्रों में सहयोग करने का फैसला किया है। चारों देश इन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से परियोजना तैयार कर निवेश करेंगे। इसके लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तव में हम चारों देश रणनीतिक साझेदार और अच्छे मित्र हैं। उनके दृष्टिकोण में समानता और समान हित हैं। उन्होंने कहा कि इस पहली शिखरवार्ता से ही चारों देशों ने एक सकारात्मक एजेंडा सामने रखा है। यह प्रगतिशील और व्यावहारिक है। चारों देशों अपनी शक्ति, पूंजी, बाजार और कौशल का उपयोग कर सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अनिश्चितता से भरे समकालीन विश्व में परस्पर सहयोग का यह अच्छा मॉडल है। पहली शिखरवार्ता में इजरायल के प्रधानमंत्री येर लापिद, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भाग लिया।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version