हाइकोर्ट के आदेश पर रोक के लिए सरकार गयी है सुप्रीम कोर्ट
रांची : शेल कंपनी और माइनिंग लीज से जुडी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. इस बीच राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई एसएलपी पर 15 जुलाई को सुनवाई हो सकती है. इससे पहले राज्य सरकार ने वेकेशन बेंच में भी एसएलपी पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई रेगुलर बेंच में ही करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट में 15 जुलाई को होने वाली सुनवाई काफी महत्वपूर्ण है.

हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है
बता दें कि शेल कंपनी मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. हाईकोर्ट द्वारा मेटेनबिलिटी की बिंदु पर आदेश दिए जाने के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया है
शेल कंपनी से जुडी पीआइएल पर सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने शेल कंपनियों में इन्वेस्टमेंट की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर फैसला सुनाया था. अदालत ने जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया है. साथ ही मेंटेनबिलिटी की बिंदु पर सरकार द्वारा दी गई दलीलों को खारिज कर दिया है. बता दें कि इस जनहित याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में चल रही है. इस मामले में राज्य सरकार, शिवशंकर शर्मा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ईडी पक्षकार हैं.

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