-झारखंड-बिहार की सीमा पर स्थित दुम्मा में होगा राजकीय समारोह
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन समारोह सोमवार को देवघर में झारखंड के प्रवेश द्वार दुम्मा में होगा और चार जुलाई से सावन मेला शुरू होगा। सूचना है कि कृषि मंत्री बादल इसका उद्घाटन करेंगे, हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इसके लिए आमंत्रित किया गया है। मेले की सारी तैयारी पूरी की जा चुकी है। पूरे देवघर को सजाया गया है। मलमास के कारण इस बार दो महीने तक के लिए व्यवस्था की गयी है। दुम्मा से खिजुरिया तक आठ किलोमीटर कांवरिया पथ पर पहली बार गंगा की मिट्टी बिछायी गयी है। कांवरिया पथ पर 10 हजार क्षमता वाले आध्यात्मिक भवन में कांवरियों को सस्ती दर पर भोजन मिलेगा। कांवरियों की कतार लगाने को लेकर रूट लाइन में वाटर प्रूफ पंडाल लगाये गये हैं। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा बढ़ाने और भीड़ नियंत्रण के लिए कई नयी व्यवस्थाएं की हैं। इनमें पहली बार डिजिटल मिस्ट कूलिंग सिस्टम, शीघ्र दर्शनम कतार और व्यवस्था में बदलाव शामिल हैं। अब शीघ्र दर्शनम कूपन के लिए पुरोहितों द्वारा बार-बार फॉर्म भरने की झंझट खत्म कर दी गयी है। पुरोहित का नाम, पता, संपर्क नंबर और विशेष कोड की इंट्री हुई है, जिससे तुरंत कूपन मिलेगा। रविवार और सोमवार को शीघ्र दर्शनम की व्यवस्था बंद रहेगी। मेले के दौरान शीघ्र दर्शनम कूपन की दर पांच सौ रुपये रखी गयी है। मेले के दौरान अरघा से जलार्पण की व्यवस्था रहेगी। स्पर्श पूजा बंद रहेगी। साथ ही वीआइपी पूजा भी बंद रहेगी। बीमार, बुजुर्ग और भीड़ में बचने वाले भक्तों के लिए बाह्य जलार्पण की भी व्यवस्था रहेगी। श्रावणी मेला के लिए सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी की गयी है। पूरे मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी और 11 ट्रैफिक ओपी बनाये गये हैं। इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम में पहली बार कॉमन एनाउंसमेंट सिस्टम लगाया गया है। एक बार सूचना प्रसारित होगी, तो वह 20 किलोमीटर के मेला क्षेत्र में सुनाई देगी। पहली बार टू वे आॅडियो कैमरा सिस्टम लगाया जा रहा है। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी जब कोई कॉमन सूचना देना चाहेंगे, तो वह कंट्रोल रूम से संभव होगा। पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी-सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। 726 पुलिस पदाधिकारी सहित मेला में 87 सौ पुलिस कर्मी तैनात किये गये हैं। कतार में लगने वाले कांवरियों को अगर स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होगी, तो उनके लिए प्रशासन ने इसीजी की व्यवस्था की है। प्रशासन ने नेहरू पार्क, क्यू कांप्लेक्स और बाबा मंदिर ट्रॉमा सेंटर में डिजिटल इसीजी मशीन रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसीजी करायी जायेगी। इसीजी की रिपोर्ट ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के मोबाइल में आ जायेगी। उसके बाद डॉक्टर की सलाह पर इलाज की व्यवस्था होगी। कतार में उमस भरी गर्मी से बचाव के लिए नेहरू पार्क से लेकर मंदिर के संस्कार मंडप तक मिस्ट कूलिंग सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। इससे पानी का फव्वारा नहीं, बल्कि फॉग निकलेगा, जो पूरे माहौल को ठंडा कर देगा।

 

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