रांची। वादा निभाओ, स्थायी करो अभियान के तहत गुरुवार से झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ सांकेतिक हड़ताल पर चला गया है। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में सभी मनरेगा कर्मी धरना पर बैठ कर अपना रोष जता रहे हैं। संघ के मुताबिक, विभाग और सरकार हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के माध्यम से मनरेगा कर्मियों को बरगलाने, धमकाने और सामग्री मद में राशि देकर संघ को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संघ के एस प्रमाणिक के अनुसार सभी मनरेगा कर्मी इस बार कमर कस कर हड़ताल पर उतरे हैं। जो भी समस्या आयेगी, सभी मिल कर उसका सामना करेंगे।

संघ का आरोप है कि लगातार 17 वर्षों से मनरेगा कर्मियों को सरकार ने ठगने का काम किया है। उच्च न्यायालय के आदेश को भी खारिज कर दिया गया। सरकार द्वारा विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमिटी की रिपोर्ट भी पांच वर्षों में नहीं आयी है, जो स्पष्ट करता है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। आज राज्य में मनरेगा में कार्यरत मजदूरों की संख्या 50% घट गयी है। हड़ताल के कारण बिरसा हरित आम बागवानी, बिरसा संवर्धन सिचाई कूप और अबुआ आवास के कार्य पर सीधा असर होता दिखाई दे रहा है।

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