रांची। राज्यभर के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में कार्यरत पदाधिकारियों-कर्मियों के बकाया वेतन-मानदेय भुगतान के लिए सरकार ने कदम बढ़ाये हैं। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी के निर्देश के बाद विभाग ने सभी जिलों के उपविकास आयुक्त को पत्र लिखा है और डीआरडीए पदाधिकारियों के 10 जून तक जिला परिषद में समायोजन की तिथि से पहले की वेतन आदि का बकाया राशि का गणना कर प्रतिवेदन मांगा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने झारखंड सहित देशभर के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को बंद करने का फैसला लिया और राज्यों को कहा कि इनमें कार्यरत कर्मियों का समायोजन जिला परिषद में किया जा सकता है।
इसी आलोक में जून माह में झारखंड सरकार ने इनका समायोजन पंचायती राज विभाग के अंतर्गत जिला परिषद में कराने का आदेश दिया। हालांकि समायोजन के पहले का वेतन-मानदेय या आदेयता का भुगतान ग्रामीण विकास विभाग से ही कराने का निर्णय लिया। इधर, डीआरडीए कर्मियों और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण संघ ने भी राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात की थी और बकाया भुगतान कराने संबंधी मांग रखी थी। उन्हें करीब एक साल से वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे अब घर चलाना भी मुश्किल हो रहा था। वहीं, जिला परिषद में विलय के लिए जो संकल्प निकाला गया था, उसकी विसंगतियों को भी अवगत कराया था।