-सीएम हेमंत सोरेन की पहल पर विभाग हुआ रेस
रांची। झारखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए जल्द ही झारखंड में बंपर वैकेंसी निकलने वाली है। बता दें कि राज्य के 15 जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा में शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। जिसमें संथाली, हो, खड़िया, कुड़ुख, मुंडारी, माल्तो, बिरहोरी, भूमिज, असुर, बांगला, उड़िया, पंचपरगनिया, खोरठा, कुरमाली व नागपुरी भाषा में शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी। जिसको लेकर जिलों से सर्वे कर रिपोर्ट मांगी गयी थी। वहीं सर्वे रिपोर्ट स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेज दी गयी है। जिसके आधार पर 12 हजार शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे।

जुलाई में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक कमेटी गठित होगी। शिक्षक नियुक्ति के लिए मेरिट लिस्ट तैयार करने का मानक तैयार कर लिया गया है। विभाग द्वारा शिक्षकों के मानदेय भुगतान की राशि व अन्य आवश्यक प्रक्रिया को लेकर प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जायेगा। शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय में उन भाषाओं में की जायेगी, जहां कक्षा एक से पांच में हर कक्षा में न्यूनतम 10 विद्यार्थी उक्त भाषा को बोलने वाले होंगे। किसी विद्यालय में अगर प्रति कक्षा एक से अधिक भाषा बोलने वाले 10 या उससे अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, तो एक से अधिक भाषा में शिक्षक की नियुक्त की जायेगी।

मैट्रिक और इंटर में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा का प्राप्तांक, स्नातक, स्नातकोत्तर व प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण के प्राप्तांक के आधार पर अंक दिया जायेगा। मैट्रिक, स्नातक के लिए 20-20 अंक निर्धारित किये गये हैं। इंटर के लिए 30 अंक व इंटर में जनजातीय, क्षेत्रीय भाषा, स्नातकोत्तर व प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा के अंक के लिए 10-10 अंक निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी का इंटर 45 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। वहीं अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 21 से 45 वर्ष निर्धारित की गयी है।

 

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