नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को मोदी सरकार पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की तमाम संस्थाएं मोदी सरकार में लगातार कमजोर हो रही हैं और इनमें सबसे प्रमुख नाम सेबी का है। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि सेबी की नाक के नीचे बड़े पैमाने पर घोटाले हुए, जिससे आम निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने अमेरिकी अल्गो (एएलजीओ) ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट का उदाहरण देते हुए कहा कि यह कंपनी भारत के शेयर बाजार और डेरिवेटिव मार्केट में एक साथ अवैध रूप से ऑपरेट कर रही थी और भारी मुनाफा कमा रही थी। कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि 3 जुलाई को सेबी ने एक अंतरिम आदेश जारी किया, जिसमें जेन स्ट्रीट और उसकी चार सहयोगी कंपनियों को भारत में ट्रेडिंग से रोक दिया गया और कंपनी के 4,844 करोड़ रुपये जब्त कर लिए गए। यह आदेश जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच मात्र 18 ट्रेडिंग सेशनों की जांच के आधार पर जारी किया गया।

उन्होंने दावा किया कि इसी अवधि में जेन स्ट्रीट ने करीब 44,000 करोड़ रुपये का अवैध मुनाफा कमाया, लेकिन जब्त की गई राशि इसका दसवां हिस्सा भी नहीं है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस घोटाले की चेतावनी राहुल गांधी पहले ही दे चुके थे, बावजूद इसके कार्रवाई में देरी हुई।

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