पुलिस ने जेल पहुंचकर पांच आरोपियों से की पूछताछ, कुल 8 आरोपी हैं जेल में बंद।
-साजिश रचने और मारपीट की आशंका के चलते सभी को अलग-अलग बैरक में रखा गया।
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच तेज हो गई है। रविवार दोपहर करीब 1:50 बजे पुलिस टीम अयोध्या जेल पहुंची और मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की। इस मामले में कुल 8 आरोपी जेल में बंद हैं, जिनमें से तीन आरोपियों से पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

इन आरोपियों से हुई पूछताछ और बदले गए बैरक
रविवार को जिन पांच आरोपियों से पुलिस ने सवाल-जवाब किए, उनमें रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय शामिल हैं। जेल प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए शनिवार को ही इन सभी को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया था। पहले ये सभी एक ही बैरक में बंद थे। पुलिस और जेल प्रशासन को इस बात की आशंका थी कि एक साथ रहने पर ये आरोपी आपस में मारपीट कर सकते हैं या फिर पुलिस की जांच को भटकाने के लिए कोई नई साजिश रच सकते हैं।

सियासी घमासान तेज, लगे पोस्टर
राम मंदिर में हुई इस चोरी के बाद से राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। रविवार को लखनऊ में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यालय के बाहर एक पोस्टर चस्पा किया गया, जिसने सबका ध्यान खींचा। इस पोस्टर पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है- ‘चंदा चोर पार्टी का प्रवेश वर्जित है।’

वहीं, इस पूरे विवाद पर भाजपा नेता नितिन नवीन ने शनिवार को लखनऊ में बयान दिया। उन्होंने घटना पर चिंता जताते हुए कहा, “जो हुआ, वह गलत है। इससे जनता में एक गलत संदेश गया है और विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। यह हमारे लिए एक विपरीत परिस्थिति है, लेकिन प्रदेश सरकार इस पर सख्त कार्रवाई कर रही है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

दिग्गजों पर लटकी FIR की तलवार
मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) जल्द ही बड़ा कदम उठा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच अंतिम चरण में है और 15 जुलाई के बाद आधिकारिक तौर पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकती है। इस एफआईआर में कई बड़े नाम शामिल होने की सुगबुगाहट है। बताया जा रहा है कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी इस मामले में आरोपी बनाया जा सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें SIT की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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