पश्चिमी सिंहभूम: चाईबासा स्थित मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जेल अधीक्षक सहित मंडल कारा के तमाम संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान कारा की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था का बारीक आकलन किया गया। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि जेल परिसर में प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े नियम लागू करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बंदियों से मिलने आने वाले प्रत्येक आगंतुक की पहचान का पूरी तरह सत्यापन किया जाए। गहन जांच की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी को मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही बंदियों के लिए बाहर से लाए जाने वाले सामान की भी सख्त चेकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित सामग्री जेल परिसर के भीतर न पहुंच सके।
तकनीकी निगरानी को मजबूत करने पर जोर देते हुए अधिकारियों ने जेल में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों को चौबीसों घंटे सुचारु रखने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ तैनात सुरक्षा कर्मियों की मानवीय सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। उपायुक्त मनीष कुमार और एसपी अमित रेणु ने कहा कि मंडल कारा की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए हर समय अलर्ट रहने को कहा है।



