रांची: अवैध बालू खनन और उठाव पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। बालू से पुलिस की अवैध कमाई पर सरकार ने रोक लगा दी है। अब अवैध बालू की चेकिंग पुलिस पदाधिकारी नहीं करेंगे। जांच का अधिकार जिला खनन पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा गया है। पदाधिकारी बालू घाटों एवं इसके उठाव और परिवहन पर नजर रखेंगे। यह जानकारी सरकार की प्रवक्ता और कार्मिक सचिव निधि खरे ने दी। वह सूचना भवन में रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। कार्मिक सचिव ने कहा कि बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि परिवहन के दौरान बालू की चेकिंग पुलिस पदाधिकारी नहीं करेंगे। जिला खनन पदाधिकारी को बालू के उठाव और परिवहन के दौरान चेकिंग का जिम्मा दिया गया है। यदि खनन पदाधिकारी जरूरी समझेंगे, तो पुलिस बल की मदद ले सकेंगे।

राज्यस्तर पर टास्क फोर्स का गठन
निधि खरे ने कहा कि बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए राज्य स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स खान सचिव की अध्यक्षता में गठित किया गया है, जो प्रत्येक तिमाही समीक्षा करेगा। वहीं जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनायी गयी है, जो हर महीने इसकी समीक्षा करेगी। राज्य स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष होगा। साथ ही सभी जिले में जिला नियंत्रण कक्ष बनाया जायेगा। बालू के मामले में पुलिस अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं करेगी। एक सवाल के जवाब में निधि खरे ने कहा कि बालू के खनन और उठाव पर राज्य सरकार ने रोक नहीं लगायी है। यह रोक एनजीटी ने लगायी है।

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