लोहरदगा। जिले में कई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाएं अधूरी पड़ी हुई है। पहाड़ी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनाओं का हाल काफी बुरा है। कहीं पर आधी अधूरी सड़के पड़ी हुई है तो कहीं पर सड़क बनने के कुछ समय बाद ही गड्ढे नजर आने लगे हैं।
दरअसल, सड़कों के नाम पर करोड़ों खर्च के बाद भी परिणाम निकल कर सामने नहीं आ रहा है। सड़क योजनाओं की हालत से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढों और कीचड़ से भरे सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं शिकायत करने के बाद भी सड़कों की स्थिति में सुधार को लेकर कोई पहल नहीं होती है। सबसे बड़ी बात है कि कई सड़कों में तो संवेदक द्वारा बीच-बीच में सड़कों को अधूरा छोड़ दिया गया है। बावजूद इसके विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या और अधूरी योजनाओं को पूर्ण कराने को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आरईओ के कार्यपालक अभियंता मनमोहन झा का कहना है कि सड़कों का निर्माण कार्य जारी है. कुछ सड़कों को पूरा होने में अभी बाकी है। वहीं पहाड़ी क्षेत्र में कुछ सड़कें अधूरी पड़ी हुई है, पर वह इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते हैं। कार्यपालक अभियंता कैमरे के सामने अपनी बात रखने से साफ कतराते नजर आ रहे हैं। कार्यपालक अभियंता साफ तौर पर कहते हैं कि योजनाओं को दूर रहने के पीछे कई वजह है। फिर भी अधूरी योजनाओं को पूरा कराने को लेकर प्रयास किया जा रहा है।

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