हजारीबाग। ट्रेड लेबर यूनियन कोयला खदान संघर्ष समिति बड़कागांव ने एनपीटीसी जीएम पार्थव मजूमदार से मुलाकात किया। सौहार्द वातावरण में बातचीत हुयी। मजदूर संबंधित दस सूत्री मांगपत्र जीएम को सौंपा गया। मांगपत्र सौंपने वालों में यूनियन के अध्यक्ष रामचंद्र ओझा एवं महामंत्री नवीन सिन्हा सहित कई मजदूर शामिल थे। जीएम पार्थव मजूमदार ने मांगपत्र को गंभीरता से लिया और कहा कि यह मांग जायज है और उचित भी है। एनटीपीसी जल्द ही इस पर कार्रवाई करेगी। दिये गये मांगपत्र मेंं एनटीपीसी और उसके सहयोगी खनन कंपनी द्वारा जो खनन कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में स्थानीयता के आधार पर रोजगार उपलब्ध काराया जाय। सीसीएल और बीसीसीएल के तर्ज पर यहां के वर्कर्स को वेतनमान उपलब्ध कराया जाये। खनन कंपनी में कार्यरत वर्कर्स को अस्थाई से स्थाई रोजगार में शामिल किया जाये। पलायन करने वाले लोगों को स्थाई रोजगार दिया जाये। जिससे पलायान रूक सकें। कंपनी में काम कर रहे मजदूरों को प्रमाण पत्र देकर स्थाई रोजगार दिया जाये। एनटीपीसी मार्ग और स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी तय करें। ओवरलोडिंग कोयला ढुलाई बंद किया जाये। एनटीपीसी द्वारा प्रभावित क्षेत्र के गांवों में बिजली, पानी, चिकित्सा एवं शिक्षा की नि:शुल्क व्यवस्था हो। एनटीपीसी को गांव तक लाने में कोयला खदान संघर्ष समिति का अहम योगदान रहा है। जो यह यूनियन बड़कागांव के सबसे पुराने और इकलौते ट्रेड यूनियन है। बड़कागांव में यूनियन के लिए एक कार्यालय उपलब्ध कराया जाय। मांगपत्र सौंपने वालों में बीरेंद्र शर्मा, गैलेक्सी गौरव, अभय सिंह, धीरज सिंह, राज कुमार, बीरेंद्र, ओमकार, अरुण, अशोक ठाकुर, चमन राणा सहित कई मज़दूर शामिल थे।

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