रांची। विश्व आदिवासी दिवस को लेकर गुरुवार को धूम रही। राजधानी समेत पूरे राज्य में झारखंडी माटी की सोंधी खुशबू बिखरी हुई थी। मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झारखंडी युवा-युवतियां झूम रहे थे। सड़क से लेकर गली-मुहल्लों तक आदिवासी दिवस मना। इसमें आम तो आम, खास वर्ग के लोगों ने भी न सिर्फ शिरकत की, बल्कि मांदर और ढोल-नगाड़ों की आवाज पर वे खुद को रोक नहीं पाये और हाथ में हाथ और कदम से कदम मिलाकर झूमने लगे। राजधानी रांची समेत पूरे राज्य के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य संगीत के साथ शोभायात्रा भी निकाली। शोभायात्रा के दौरान भी रांची में आदिवासी समाज के युवा पारंपरिक ड्रेस सज्जा और ढोल, नगाड़े तथा मांदर की थाप पर नृत्य करते नजर आये ।

आदिवासी दिवस पर पूरे रंग में दिखे पूर्व सीएम

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के कचहरी चौक का नजारा कुछ अलग था। यहां आने-जाने वाला हर व्यक्ति रुक जा रहा था, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा पूरी तरह से आदिवासी वेशभूषा में नृत्य करते नजर आ रहे थे। इस यात्रा में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और उनकी पत्नी मीरा मुंडा भी शामिल हुईं। इस शोभायात्रा को मुंडा समाज के नेतृत्व में निकला गया। इस यात्रा में शामिल महिला नूतन पाहन ने बताया कि यह पर्व आदिवासियों के लिए बहुत ही हर्षोल्लास का पर्व है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज आदिवासी दिवस पर हम आदिवासी के संस्कार, स्वाभिमान, परंपरा, इन सभी चीजों के खयाल के साथ मना रहे हैं।

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