गढ़वा। कोर्ट ने बहुचर्चित जतपुरा गोलीकांड के प्रमुख अभियुक्त संजीत सिंह समेत सात अभियुक्तों को उम्रकैद एवं आर्थिक जुर्माने की सजा सुनायी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय शंभू लाल साव ने सभी अभियुक्तों को हत्या के मामले में यह सुनायी है। इससे पूर्व कोर्ट ने जतपुरा गोलीकांड से संबंधित एसटी 207/17 की सुनवाई पूरी होने के बाद गत गुरुवार 2 अगस्त को इस कांड के प्रमुख अभियुक्त संजीत सिंह समेत सभी सातों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था तथा 9 अगस्त को सजा सुनाने की तिथि मुकर्रर की थी। गुरुवार को सातों अभियुक्तों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई और उम्रकैद के साथ-साथ आर्थिक जुर्माने की सजा का एलान हुआ। कोर्ट ने अभियुक्तों द्वारा जुर्माने की राशि नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा का भी एलान किया है। बताया गया कि कोर्ट ने अभियुक्त संजीत सिंह, गुड्डू सिंह, यशवंत सिंह को उम्रकैद के साथ-साथ एक-एक लाख जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर तीनों को तीन-तीन साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जबकि चार अन्य अभियुक्तों रमेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गुड्डू मेहता, सुरेंद्र पाल को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ-साथ पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माना नहीं देने पर चारों को दो-दो साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने की जमा की गयी राशि में से मृतक निरंजन यादव और बिमलेश यादव की पत्नी को 40-40 प्रतिशत एवं उदय यादव की पत्नी को 20 प्रतिशत राशि देय होगा। कोर्ट ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे की राशि के लिए डीएलएसए गढ़वा को आवेदन देने को कहा है।
बचाव और अभियोजन पक्ष ने दीं दलीलें
इससे पहले सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं नवीन चंद्र सिंह, साकेत प्रताप देव, सच्चिदानंद धर दुबे एवं प्रभात चौबे ने यह दलील दी कि अभियुक्तों की उम्र का ख्याल रखते हुए कम से कम सजा दी जाये। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया की यह मामला रेयर आॅफ रेयरेस्ट के अंतर्गत नहीं आता है, इसलिए अभियुक्तों को कम से कम सजा दी जाये। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक महेश प्रसाद, पूर्व लोक अभियोजक गौतम कृष्ण सिन्हा उर्फ बुल्लू राजा एवं संतोष कुमार ने दलील दी कि तीन आदमी को सीने में सटाकर पूरी तैयारी के साथ गोली मारी गयी है। यह मामला रेयर आॅफ रेयरेस्ट के अंतर्गत आता है, इसलिए अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। कोर्ट ने उभयपक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध सजा का एलान किया। जतपुरा गोलीकांड में मारे गये लोगों के परिवार के सदस्य सत्यदेव यादव ने विशुनपुरा थाने में पिपरी निवासी संजीत सिंह एवं अन्य लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इस मामले के स्पीडी ट्रायल के दौरान 28 लोगों का साक्ष्य रिकॉर्ड किया गया था। सजा के एलान को लेकर गढ़वा कोर्ट में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गयी थी।
क्या था जतपुरा गोलीकांड
विशुनपुरा थाने के पिपरी-जतपुरा में बांकी नदी के बालूघाट पर स्थित श्मशान घाट से ग्रामीण बालू उठाव का विरोध कर रहे थे। जबकि ठेकेदार अपने लीज का हवाला देकर बालू का उठाव कर रहे थे। गत वर्ष 19 मई 2017 को जतपुरा के ग्रामीण और बालू घाट के ठेकेदार धर्मवीर सिंह के मौसेरे भाई आमने सामने आ गये और खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें तीन ग्रामीणों समेत चार लोगों की मौत हो गयी थी। संजीत सिंह एवं उनके सहयोगियों पर एक ही परिवार के तीन लोगों पिता उदय यादव (55 वर्ष) और उसके दो पुत्र निरंजन यादव (35 वर्ष) तथा विमलेश यादव (30 वर्ष) को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। विमलेश का चचेरा भाई अरूण यादव इस गोली लगने से घायल हुआ था। हमले के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेकेदार धर्मवीर सिंह के मैनेजर बिहार के औरंगाबाद जिला के नवीनगर निवासी सत्येंद्र सिंह (40 वर्ष) की लाठी-डंडे से पीटकर एवं पत्थर से कुचल कर हत्या कर दी गयी थी। साथ ही बालू घाट पर खड़े 15 ट्रक, दो पोकलेन मशीन, एक बाइक तथा एक बोलेरो को आग के हवाले कर दिया था।
इन्हें मिली सजा : संजीत सिंह, गुड्डू सिंह, यशवंत सिंह, रमेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, गुड्डू मेहता, सुरेंद्र पाल
किसकी किसकी हुई थी हत्या : उदय यादव और उनके दो पुत्र निरंजन यादव, बिमलेश यादव