रांची : भाकपा माओवादी के झारखंड-बिहार बंद के दौरान राजधानी रांची से सटे खूंटी जिला में एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया. शुक्रवार को पौने बारह बजे के करीब खूंटी-तमाड़ रोड पर कूड़ापुरती में एक ट्रेलक चालक को बंद समर्थकों ने जिंदा जलाकर मार डाला. मृतक चालक की पहचान योगा सिंह के रूप में हुई है. वह ट्रेलर लेकर राउरकेला से टाटानगर जा रहा था. इसी दौरान बंद समर्थकों ने ट्रेलर में आग लगा दी. चालक को वाहन से बाहर आने का भी मौका नहीं मिला और उसकी मृत्यु हो गयी.
नक्सलियों के सफाये के लिए पुलिस द्वारा शुरू किये गये ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ के विरोध में भाकपा माओवादियों का बंद का मिला-जुला असर देखा गया. कुछ जगहों में बंद असरदार रहा, तो बाकी जिलों में बंद पूरी तरह विफल रहा. उग्रवाद प्रभावित जिला खूंटी में माओवादियों के बंद की वजह से जिला मुख्यालय से प्रखंड तक सन्नाटा पसरा रहा. लंबी दूरी के वाहन सड़कों से नदारद रहे. बाजार भी बंद रहे.
लोहरदगा में बंद का आंशिक असर देखा गया. लंबी दूरी के वाहन यहां भी नहीं चले. यहां तक कि बॉक्साइट खदानों में चलने वाले ट्रक भी सड़क पर नहीं देखे गये. बाकी दिनचर्या सामान्य रही.
सरायकेला-खरसावां के खरसावां में भी वाहनों का परिचालन ठप रहा. अधिकांश दुकानें बंद रहीं. वहीं, कुचाई और चौका में नक्सलियों की बंदी का व्यापक असर देखा गया. बाजार में सुबह से ही सन्नाटा पसरा था. तमाम दुकानें बंद थीं. वाहन भी नहीं चले. बंदी की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जिला के अन्य इलाकों में भी बंद का आंशिक असर देखा गया. लंबी दूरियों के वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहा. पुलिस टीम लगातार गश्ती करती दिखी, ताकि लोगों को कोई बेवजह परेशान न करे.
गढ़वा जिला के रमकंडा में भी बंद का ठीक-ठाक असर देखा गया. प्रखंड कार्यालय भी सुनसान रहा. बताया गया कि वाहनों का परिचालन नहीं होने की वजह से कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ पाये. प्रखंड कार्यालय में गिने-चुने लोग भी पहुंचे. रमकांडा का एकमात्र वनांचल ग्रामीण बैंक भी बंद रहा.
चतरा जिला के सिमरिया में माओवादी बंद का मिला-जुला असर रहा. इस दौरान वाहनों का परिचालन ठप रहा. लोगों को अपने गंतव्य तक जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

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