रांची. रांची यूनिवर्सिटी सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में गाउन प्रथा का अंत हो गया। दीक्षांत समारोह में अब स्टूडेंट्स पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आएंगे। राजभवन ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। इसमें राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि भविष्य में होने वाले दीक्षांत समारोह में गाउन की जगह सिर्फ पारंपरिक भारतीय परिधान का उपयोग किया जाए।
वर्ष 2016 में रांची यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के बाद पहली बार झारखंड में गाउन प्रथा का विरोध शुरू हुआ था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल और शिक्षामंत्री की गाड़ी रोककर अपना विरोध जताया था। सीनेट सदस्य अटल पांडेय ने भी ज्ञापन सौंपकर दीक्षांत समारोह में गाउन की जगह भारतीय परिधान लागू करने की मांग की थी। इसके बाद से विरोध मुखर हो गया था। पिछले साल भी रांची यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सीनेट और सिंडिकेट के सदस्यों ने गाउन न पहनकर इसका विरोध जताया था। रजिस्ट्रार के नेतृत्व में निकली दीक्षांत परेड में भी वे शामिल नहीं हुए थे।
एक माह पहले सीनेट सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। उन्होंने गाउन की जगह भारतीय परिधान को मंजूरी देने की मांग की थी। राज्यपाल ने इस पर जल्दी ही फैसला लेने की बात कही थी। सोमवार को अधिसूचना जारी होने के बाद सदियों से चली आ रही गाउन प्रथा खत्म हो गई।
सभी यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह में गाउन प्रथा खत्म
Previous Articleरांची: इंजीनियरों ने करवाई 26 करोड़ की बिजली चोरी
Next Article बरियातू डबल मर्डर केस में 3 गिरफ्तार
Related Posts
Add A Comment