लोहरदगा। जिले के परिसदन में वर्तमान परिवेश में घटती जनजातीय आबादी को लेकर चिंता जतायी गयी। विषय पर बुद्धिजीवी और सरकारी पदाधिकारियों के साथ विमर्श और मंथन किया गया। बैठक में मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, जनजातीय परामर्शदातृ उपसमिति के सदस्य सह विधायक शिवशंकर उरांव, विधायक गंगोत्री कुजूर, ताला मरांडी, रतन तिर्की, पुलिस अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक, जिप अध्यक्षा सुनैना कुमारी शामिल हुए। मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि सरकार जनजातीय समुदाय की आबादी कम होने से चिंतित है। सरकार ने इसके लिए एक समिति का भी गठन किया है जो इस दिशा में अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर जनजातीय परामर्शदातृ समिति की उपसमिति की बैठक की जा रही है। बैठक में प्राप्त सुझाव पर सरकार कार्य करेगी। बैठक में टीएसी की उप समिति ने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि 1947 से अबतक की जनगणना विभाग से प्राप्त कर किन कारणों से जनजातीय समुदाय के लोगों में कमी आ रही है इसका अध्ययन किया जाये। साथ ही पूरे संथाल परगना प्रमंडल में जनजातीयवार कितनी जनसंख्या है इसे भी स्पष्ट किया जाये।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 1951 से 2011 तक के विभिन्न वर्गों में जनगणना के अनुसार जिले के जनजातीय समुदाय की कुल आबादी कितनी थी, उसका प्रतिशत क्या था, इससे संबंधित आंकड़ों को स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यह भी देखने की जरूरत है कि आजादी के बाद से कितने जमीन का अधिग्रहण हुआ है। जमीन अधिग्रहण के बाद कितनी जनजातीय आबादी प्रभावित हुई और कितने लोग पलायन किये हैं।
बैठक का उद्देश्य प्राप्त सुझावों को सरकार तक पहुंचाया है। अधिकारी यह देखें कि जनगणना में किन कारणों से जनजातीय समुदाय के लोगों की जनसंख्या कम हुई है। इसका अध्ययन किया जाये। बैठक में अन्य सदस्यों ने कहा कि आजादी के बाद से लोहरदगा में जनजातीय समुदाय की आबादी में आठ प्रतिशत की कमी आयी है। इसका एक कारण यह भी है कि जनगणना के समय ज्यादातर जनजातीय समुदाय के लोग रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों में पलायन कर जाते हैं। जिससे उनके आंकड़े नहीं मिलते। इसके अलावा वर्तमान समय में भी कौशल विकास कार्यक्रम के तहत लोग दूसरे प्रदेशों में जा रहे हैं। इसपर भी ध्यान देने की जरूरत है। कहा गया कि पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में बाहरी आबादी के कारण आबादी में कमी आयी है। मौके पर आदिवासी महिला द्वारा गैर आदिवासी परिवार के साथ जुड़ने, मानव तस्करी, कौशल विकास के तहत 1908 में नगर क्षेत्र में आदिवासी की जमीन और वर्तमान स्थिति, यहां एक वृहद कार्यशाला का आयोजन, नशापान, कुरीति भी कारण, कुपोषण भी एक कारण आदि विषयों पर चर्चा की गयी।
बैठक में मौजूद लोग: डीसी विनोद कुमार, एसपी प्रियदर्शी आलोक, डीडीसी शशिधर मंडल, एसी रंजित कुमार सिन्हा, आइटीडीए डायरेक्टर रविंद्र सिंह, एसडीओ राज महेश्वरम, जिप अध्यक्ष सुनैना कुमारी, सदर सीओ अनुराग तिवारी, पूर्व मंत्री सधनू भगत, पूर्व विधायक रमेश उरांव, मनोरमा एक्का, कलींदर उरांव, सुखदेव उरांव आदि मौजूद थे।